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गोपालगंज के किसानों की बदली तकदीर, सब्जी की खेती से हो रही बंपर कमाई; खेतों तक पहुंच रहे यूपी के व्यापारी

Published: Mon, 07 Sep 2026 03:08 PM (GMT+05:30)

गोपालगंज के पंचदेवरी प्रखंड के किसान पारंपरिक खेती छोड़ सब्जियों की खेती से अपनी तकदीर बदल रहे हैं। यूपी के ...और पढ़ें

सब्जी की फसल को दिखाते किसान। सौ: जागरण

सब्जी की फसल को दिखाते किसान। सौ: जागरण

HighLights

  1. पंचदेवरी के किसान सब्जी की खेती से समृद्ध हो रहे हैं।

  2. उत्तर प्रदेश के व्यापारी सीधे खेतों से सब्जियां खरीद रहे हैं।

  3. किसानों को परिवहन खर्च में बचत और बेहतर बाजार मिल रहा।

जागरण संवाददाता, गोपालगंज। कभी धान और गेहूं की खेती कर उचित आमदनी के लिए जूझने वाले उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे पंचदेवरी प्रखंड के किसान अब सब्जियों की खेती से समृद्धि की नई इबारत लिख रहे हैं। पारंपरिक खेती से अपेक्षित लाभ नहीं मिलने पर किसानों ने नकदी फसलों का रुख किया तो उनकी तस्वीर बदलने लगी।

कुइसा खुर्द, मिश्रौली समेत आसपास के कई गांवों में अब बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती हो रही है। खास बात यह कि खेतों में तैयार सब्जियां खरीदने के लिए सीमावर्ती उत्तर प्रदेश के व्यापारी सीधे किसानों तक पहुंच रहे हैं। इससे किसानों को बेहतर बाजार मिलने के साथ परिवहन खर्च की भी बचत हो रही है।

कुइसा खुर्द गांव के बुजुर्ग किसान राधाकिशुन साह ने करीब 12 वर्ष पहले सब्जी की खेती की शुरुआत की थी। पहले वह अपने दस बीघा खेत में धान और गेहूं की खेती करते थे। मेहनत के बावजूद अपेक्षित आमदनी नहीं होने पर उन्होंने एक बीघा खेत में बैगन और पालक की खेती शुरू की।

पहले ही सीजन में अच्छी आमदनी हुई तो उनका उत्साह बढ़ा। इसके बाद उन्होंने कृषि विभाग के सहयोग से सिपाया कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण लिया और बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती शुरू कर दी।

50 एकड़ में लहलहा रहीं सब्जियां

राधाकिशुन साह की सफलता को देखकर आसपास के अन्य किसानों का भी सब्जी की खेती के प्रति रुझान बढ़ा। अब कुइसा खुर्द, मिश्रौली समेत कई गांवों में करीब 50 एकड़ भूमि पर बैगन, आलू, मटर, पालक, गोभी सहित विभिन्न सब्जियों की खेती हो रही है।

किसानों का कहना है कि सब्जियों के लिए बाजार उपलब्ध होने से बिक्री की समस्या भी काफी हद तक कम हुई है।

यूपी के व्यापारी पहुंच रहे खेतों तक

मिश्रौली गांव के किसान दुर्गेश गुप्ता बताते हैं कि पहले सब्जियां बेचने के लिए पंचदेवरी और आसपास के बाजारों तक जाना पड़ता था। अब क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उत्पादन होने से उत्तर प्रदेश के व्यापारी सीधे खेतों तक पहुंच रहे हैं।

व्यापारी खेत से ही सब्जियां खरीदकर ले जाते हैं। इससे किसानों का समय बचने के साथ बाजार तक फसल पहुंचाने का परिवहन खर्च भी कम हो गया है।

कुशीनगर से हाटा तक पहुंच रही उपज

पंचदेवरी में उत्पादित सब्जियों के लिए सीमावर्ती उत्तर प्रदेश में अच्छा बाजार मिल रहा है। व्यापारी यहां से सब्जियां खरीदकर कुशीनगर, देवरिया, हाटा सहित आसपास की मंडियों में पहुंचा रहे हैं। स्थानीय बाजार के साथ बाहर से व्यापारियों के पहुंचने से किसानों को उपज बेचने में सहूलियत हो रही है।

नकदी फसल के रूप में सब्जी की खेती ने सीमावर्ती इलाके के किसानों को पारंपरिक खेती के मुकाबले अतिरिक्त आय का नया रास्ता दिखाया है।