गोपालगंज बाइपास के निर्माण का रास्ता साफ; 10,351 लाख की लागत से 12.60 किमी लंबी सड़क के लिए मिली स्टेज-1 मंजूरी
गोपालगंज बाइपास के निर्माण को पर्यावरण मंत्रालय से स्टेज-1 वन मंजूरी मिल गई है, जिससे परियोजना का रास्ता साफ हो ...और पढ़ें

गोपालगंज में बाइपास निर्माण का रास्ता साफ। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
वन भूमि अपयोजन को स्टेज-1 मंजूरी मिली।
12.60 किमी लंबा बाइपास जाम से देगा राहत।
पर्यावरण संरक्षण के साथ कृषि-कारोबार को मिलेगा लाभ।
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। जिले की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजना गोपालगंज बाइपास सड़क निर्माण की दिशा में बड़ी उपलब्धि मिली है।
बाइपास निर्माण के लिए प्रस्तावित 4.8 हेक्टेयर वन भूमि के अपयोजन को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने वन संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम, 1980 के तहत 26 शर्तों के साथ स्टेज-1 की अनुमति मिल गई है।
वन भूमि से संबंधित प्रक्रिया में यह मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के क्रियान्वयन का रास्ता और साफ हो गया है।
पर्यावरण संरक्षण के साथ आगे बढ़ेगा निर्माण
वन भूमि के अपयोजन की अनुमति में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत समतुल्य गैर-वन भूमि वन विभाग को हस्तांतरित कर उसे सुरक्षित वन के रूप में अधिसूचित करने का प्रावधान है।
इसके अलावा निर्धारित मानकों के अनुसार क्षतिपूरक पौधारोपण भी किया जाएगा। इससे विकास परियोजना के साथ वन एवं पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।
प्रगति यात्रा में हुई थी बाइपास की घोषणा
गोपालगंज बाइपास परियोजना तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान की गई महत्वपूर्ण घोषणाओं में शामिल थी।
परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए प्रस्ताव भेजा था। अब स्टेज-1 वन मंजूरी मिलने से परियोजना के अगले चरण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
12.60 किलोमीटर लंबी होगी सड़क
बाइपास सड़क की कुल लंबाई 12.60 किलोमीटर होगी। यह एनएच-27 के दानापुर से एनएच-531 के तुरकाहां तक बनेगी। दो लेन की यह सड़क पक्के सोल्डर के साथ तैयार की जाएगी।
इसका मार्ग मांझागढ़ एवं देवापुर-कबिलासपुर क्षेत्र से होकर गुजरेगा। परियोजना की प्राक्कलित राशि 10,351.31 लाख रुपये है। निर्माण कार्य तीन अक्टूबर 2025 को शुरू हुआ था और इसे सात अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है।
भू-अर्जन की प्रक्रिया में भी तेजी
परियोजना के तहत 1.73 एकड़ भूमि के भू-अर्जन के लिए भू-धारियों को धारा 21(2) के तहत नोटिस जारी कर तामिला कराया जा चुका है। भू-अर्जन की प्रक्रिया को भी तेजी से पूरा करने की कार्रवाई की जा रही है।
शहर को जाम से मिलेगी राहत
बाइपास बनने के बाद भारी और बाहरी वाहनों को शहर के अंदर से गुजरने के बजाय वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा। इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होगा।
जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। यात्रा समय और ईंधन की बचत के साथ सड़क सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन को भी लाभ मिलेगा।
कृषि और कारोबार को भी मिलेगा लाभ
बाइपास से ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। गन्ना समेत अन्य कृषि उत्पादों को चीनी मिलों और बाजारों तक पहुंचाने में किसानों को सुविधा मिलेगी।
बेहतर सड़क संपर्क से परिवहन, लाजिस्टिक्स, कृषि आधारित कारोबार, छोटे उद्योग, होटल-रेस्तरां और सर्विस सेक्टर के विस्तार की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है।
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