गोपालगंज में छाड़ी नदी पर 42 अवैध मकान चिह्नित, प्रशासन की मापी तेज, अब हटेंगे अतिक्रमण
गोपालगंज में छाड़ी नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है, जहां मापी के दौरान नदी ...और पढ़ें

पूरी होगी नदी की जमीन की मापी
HighLights
छाड़ी नदी के 1.475 किमी स्ट्रेच में अतिक्रमण मापी शुरू हुई।
मापी में नदी की जमीन पर बने 42 स्थायी मकान चिह्नित।
अतिक्रमणकारियों को नोटिस के बाद अवैध निर्माण हटाने की होगी कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। छाड़ी नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। नदी के चिन्हित 1.475 किलोमीटर स्ट्रेच में सोमवार से जमीन की मापी शुरू की गई। पहले दिन की मापी में नदी की जमीन पर बने 42 स्थायी मकान चिह्नित किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि मापी पूरी होने के बाद संबंधित लोगों को नियमानुसार नोटिस जारी किया जाएगा।
एक सप्ताह में पूरी होगी नदी की जमीन की मापी
सदर एसडीओ डा. प्रेरणा सिंह और सीओ रजत बरनवाल ने मौके पर पहुंचकर मापी की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। एसडीओ ने मापी की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि चिन्हित स्ट्रेच का काम एक सप्ताह के भीतर पूरा कराया जाए। साथ ही नदी की जमीन पर मौजूद सभी स्थायी निर्माण को स्पष्ट रूप से चिह्नित करने को कहा गया है।
प्रशासन अब केवल मकानों की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा। नदी के स्वरूप को प्रभावित करने वाले दूसरे तरह के अतिक्रमण की भी जानकारी जुटाई जा रही है। मापी पूरी होने के बाद अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति सामने आएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस के बाद अतिक्रमण हटाने की तैयारी
छाड़ी नदी शहर के बीचों-बीच करीब तीन किलोमीटर तक बहती है। नदी की सफाई का काम शुरू करने से पहले जिलाधिकारी के निर्देश पर जमीन की मापी कराई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नदी की जमीन पर कहां-कहां निर्माण हुआ है। पहले दिन सामने आए 42 मकानों ने प्रशासन की कार्रवाई का दायरा भी स्पष्ट कर दिया है।
मापी का काम पूरा होने के बाद संबंधित अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य नदी की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के साथ-साथ इसके मूल स्वरूप को बहाल करना है।
नदी में नाला गिराने वालों पर भी कार्रवाई
प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ अवैध निर्माण तक सीमित नहीं है। छाड़ी नदी को प्रदूषणमुक्त रखने के लिए नदी में नाले का पानी गिराने वालों को भी चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ नगर परिषद की ओर से नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नदी में गंदा पानी गिराने वालों के साथ-साथ अतिक्रमण करने वालों को भी नोटिस दिया जा रहा है। नोटिस के बाद नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान डीपीओ, नमामि गंगे सहित प्रशासन के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
