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गोपालगंज में दहेज का दंश जारी: 7 माह में 139 महिलाएं हुईं बेघर, 10 की हत्या

Published: Mon, 31 Aug 2026 04:10 PM (IST)

गोपालगंज में दहेज उन्मूलन अभियानों के बावजूद, 2026 के शुरुआती सात महीनों में 139 महिलाओं को दहेज के लिए बेघर किया गया और 10 की हत्या कर दी गई।

एआई जनरेटेड फोटो

एआई जनरेटेड फोटो

HighLights

  1. गोपालगंज में 139 महिलाएं दहेज के लिए बेघर हुईं।

  2. सात माह में 10 महिलाओं की दहेज हत्या हुई।

  3. दहेज प्रताड़ना के 59 आपराधिक मामले दर्ज किए गए।

जागरण संवाददाता, गोपालगंज। सरकारी स्तर पर दहेज उन्मूलन के लिए लगातार अभियान चलाने के बावजूद जिले में दहेज के दंश की घटनाएं कम होती नहीं दिख रहीं। वर्ष 2026 के शुरुआती सात माह के आंकड़े इस बात के गवाह हैं। इस बीच आए दिन महिलाएं ससुराल वालों की प्रताड़ना की शिकार हुईं। कहीं बहू को दहेज के लिए जलाकर मारने का प्रयास किया गया, तो कहीं जहर देकर हत्या कर दी गई।

पुलिस भी महिला उत्पीड़न की वारदातों में त्वरित कार्रवाई करती नजर आई। जनवरी से जुलाई माह तक जिले में 139 महिलाओं को दहेज के लिए घर से निकाल दिया गया। इस बीच दस महिलाओं की दहेज हत्या की घटनाएं हुईं। गोपालगंज में दहेज उत्पीड़न व दहेज हत्या की घटनाओं पर आधारित रिपाेर्ट...।

नहीं कम हो रहा दहेज का दंश

वर्ष 2019 में सरकार ने दहेज पर रोक लगाने के लिए अभियान प्रारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य आम लोगों में जागरूकता लाना रहा है। इस अभियान को लेकर हर साल कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को बाल विवाह व दहेज उत्पीड़न पर रोकथाम के लिए जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके यहां दहेज का दंश कम होता नहीं दिख रहा है।

इंसाफ के लिए न्यायालय की लेनी पड़ रही शरण

इस साल दहेज प्रताड़ना के आंकड़े पर गौर करें तो वर्ष 2026 के शुरुआती सात माह में 59 आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज किए गए। इसके अलावा पुलिस के स्तर पर कार्रवाई नहीं करने पर 80 महिलाओं ने कोर्ट में परिवाद पत्र दाखिल कर ससुराल के लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।

भरण-पोषण के लिए दर्ज हुए 175 मामले

विवाहित महिलाओं के उत्पीड़न का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2026 के शुरुआती सात माह के दौरान भरण पोषण के 175 मामले परिवार न्यायालय में दाखिल किए गए।

वाद दाखिल कर प्रताड़ित कर घर से निकाली गई महिलाओं ने न्यायालय से भरण-पोषण के लिए पति से गुजारा भत्ता दिलाने की गुहार लगाई।

मध्यस्थता केंद्र में जुड़े दिल

ऐसी बात नहीं कि दहेज उत्पीड़न या महिला उत्पीड़न को लेकर दाखिल किए गए मामले समाप्त नहीं हुए। वर्ष 2026 के दौरान करीब महिला उत्पीड़न के 21 मामलों में मध्यस्थता केंद्र से पति-पत्नी के विवाद का समाधान किया गया। विवाद समाप्त होने के बाद दंपती ने गिले-शिकवे को समाप्त कर एक साथ रहने पर सहमति जताई।

महिला हेल्पलाइन में आए दर्जनों मामले

इस साल अब तक महिला हेल्पलाइन में भी महिला उत्पीड़न के दर्जनों मामले सामने आए हैं। इनमें से अधिकांश मामलों में पक्षकारों को नोटिस कर हेल्पलाइन की ओर से विवाद का निराकरण करने का प्रयास किया गया। जबकि कुछ विवादों का समाधान हेल्पलाइन में नहीं हो सका।

वर्ष 2026 के शुरुआती सात माह में दहेज उत्पीड़न व दहेज हत्या का आंकड़ा

माह दहेज उत्पीड़न दहेज हत्या
जनवरी 25 02
फरवरी 21 01
मार्च 24 01
अप्रैल 18 02
मई 18 02
जून 18 01
जुलाई 15 01