गोपालगंज। लगातार हो रही बारिश व गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण जिले के छह प्रखंडों के निचले इलाके में बाढ़ का कहर जारी है। बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोग अपने घरों को छोड़कर ऊंचे स्थानों को अपना ठिकाना बना लिए है। कई लोग सगे संबंधियों के यहां शरण लिए हुए हैं। आलम यह कि दियारा इलाके के करीब चार दर्जन गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह से भंग हो गया है। इन गांवों के लोगों के लिए नाव ही एकमात्र सहारा है। छह प्रखंडों के 25 विद्यालयों में चार से पांच फिट तक पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों के लिए तटबंध ही एकमात्र सहारा है। बाढ़ से जिले की 26 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। प्रशासनिक स्तर पर तटबंध के कमजोर स्थलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ताकि तटबंध को सुरक्षित रखा जा सके।

बुधवार से गंडक नदी में चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी का डिस्चार्ज पहुंचने तथा लगातार बारिश के कारण जिले के छह प्रखंडों के निचले इलाके में तेजी से पानी भरने लगा था। गुरुवार की शाम से ही जिले के दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। पानी के लगातार बढ़ने के कारण प्रभावित गांवों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होती गई। वर्तमान समय में गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण जिले के कुचायकोट, मांझा, बरौली, सिधवलिया, बैकुंठपुर व गोपालगंज प्रखंड के दियारा इलाके के बसे 60 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आए हैं। इन गांवों में सदर प्रखंड के जगीरी टोला गांव के 14 टोला के अलावा कठघरवां, खैरटिया रामनगर, मंझरियां, मलाही टोला, मकसूदपुर, खाप मकसूदपुर तथा जगीरी टोला, मांझा प्रखंड के मुगंरहा, निमुईया, विनोद सहनी के टोला, नवका टोला, मथुरा साह के टोला, विशुनपुर सहनी के टोला, वृति टोला, माघी, इस्सापुर, सिधवलिया प्रखंड के सल्लेहपुर, बजरिया व रमपुरवा, बैकुंठपुर प्रखंड के गम्हारी पंचायत के तीन गांव के अलावा फैजुल्लाहपुर पंचायत के दो गांव, बरौली प्रखंड सलेमपुर पंचायत के तीन गांव तथा कुचायकोट प्रखंड काला मटिहनिया पंचायत के वार्ड नंबर तीन, छह व सात शामिल हैं। इस बीच पिछले 24 घंटे के दौरान वाल्मिकीनगर बराज से पानी का डिस्चार्ज लेबल कम होने के बावजूद गंडक नदी खतरे से निशान से ऊपर बह रही है। जिलाधिकारी डा. नवल किशोर चौधरी के नेतृत्व में तमाम पदाधिकारी तटबंध की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। ताकि तटबंध में रिसाव होने की स्थिति में उसकी तत्काल मरम्मत का कार्य किया जा सके। गंडक के जलस्तर में प्रारंभ हुई कमी

शनिवार से गंडक नदी के पानी के डिस्चार्ज का लेबल डेढ़ लाख क्यूसेक से कम होने के बाद रविवार की सुबह से गंडक नदी के जलस्तर में कमी प्रारंभ हुई है। सदर अंचल के सीओ विजय कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार तक नदी के जलस्तर में और कमी आने की संभावना है। जिसके बाद कई गांवों का सड़क संपर्क फिर बहाल हो सकता है। बाढ़ से 16 हजार की आबादी प्रभावित होने का प्रशासनिक दावा

जिला प्रशासन ने प्रेस बयान जारी कर गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद 42 गांवों की करीब 16 हजार से अधिक आबादी के प्रभावित होने का दावा किया है। प्रशासनिक दावे के अनुसार इन गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए छह सरकारी तथा दस निजी नावों को तैनात किया गया है।

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