गोपालगंज : दुर्गापूजा के दौरान बनाए जाने वाले पूजा पंडालों में रात के दस बजे से सुबह के छह बजे तक लाउडस्पीकर नहीं बज सकेंगे। प्रशासनिक स्तर पर इस संबंध में आदेश जारी कर इस अवधि में किसी भी स्थिति में ध्वनि विस्तारक यंत्र के प्रयोग पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दिया है। अलावा इसके अन्य कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान भी इसका प्रयोग अनुमति प्राप्त करने के बाद ही करने का निर्देश जारी किया गया है। साथ ही लाउडस्पीकर बजाए जाने के दौरान इसकी अधिकतम तीव्रता 85 डिसेबल ही निर्धारित की गई है। ताकि आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। प्रशासनिक स्तर पर पूजा पंडालों तथा इस अवधि में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर दिशानिर्देश जारी किया है। इसके तहत बिहार कंट्रोल ऑफ द यूज एवं प्ले आफ लाउडस्पीकर एक्ट 1955 की धारा तीन में वर्णित किए गए प्रावधानों के उल्लंघन की स्थिति में ध्वनि विस्तारक यंत्र को जब्त कर लेने तक का निर्देश जारी किया है। उन्होंने पूजा में प्रयुक्त ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग रात के दस बजे के बाद करने वालों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसके साथ ही पर्व को देखते हुए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष भी स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि पूरे जिले के पूजा पंडालों के साथ अन्य इलाकों में चौकसी रखी जा सके। सप्तमी को योगदान करेंगे दंडाधिकारी

शारदीय नवरात्र के दौरान सप्तमी के दिन से ही पूरे जिले में चिन्हित किए गए स्थानों पर दंडाधिकारी योगदान करेंगे। जिलाधिकारी अरशद अजीज तथा एसपी मनोज कुमार तिवारी ने तमाम दंडाधिकारी को खैरियत प्रतिवेदन समय-समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। दंडाधिकारी सप्तमी से लेकर मूर्ति विसर्जन तक संबंधित इलाके में तैनात रहेंगे।

Posted By: Jagran

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