गोपालगंज। पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव के निर्देश पर बुधवार को जिले के तीन चिन्हित प्रखंड में नल-जल तथा गली-नाली योजना की जांच की गई। जांच के दौरान तीनों पंचायतों में गड़बड़ी उजागर हुई। घंटों चली जांच के दौरान हड़कंप की स्थिति बनी रही। जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त तथा जिला पंचायती राज पदाधिकारी अपनी जांच रिपोर्ट सीधे प्रधान सचिव को उपलब्ध कराएंगे।

जानकारी के अनुसार सरकार के सात निश्चय योजना में शामिल नल-जल व गली नाली योजना में सुस्ती की सूचना मिलने के बाद पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने चिन्हित किए गए तीन पंचायतों में दोनों योजनाओं की वर्तमान स्थिति के संबंध में जांच करने का आदेश जारी किया। प्रधान सचिव ने खुद जिलाधिकारी अनिमेष कुमार पराशर को हथुआ प्रखंड के लाइन बाजार, उप विकास आयुक्त दयानंद मिश्र को कटेया प्रखंड के गौरा तथा पंचायती राज पदाधिकारी उपेंद्र कुमार पाल को थावे प्रखंड के सेमरा पंचायत में खुद जांच करने तथा दो दिनों के अंदर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया। प्रधान सचिव का आदेश मिलने के बाद बुधवार की सुबह तीनों अधिकारियों ने संबंधित पंचायतों में पहुंचकर विभिन्न गांवों में अबतक हुए नल-जल तथा पक्की गली-नाली योजना के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस बीच अधिकारियों ने नल जल योजना में प्राप्त राशि व उसके विरुद्ध अबतक किए गए खर्च के बारे में संचिकाओं की भी जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने गांवों में लोगों के घर पर पहुंचकर उनसे भी पूछताछ की। घंटों चली इस जांच प्रक्रिया के दौरान तीनों पंचायतों में अफरातफरी का माहौल बना रहा। जिला पंचायती राज कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि बुधवार को हुई जांच की जानकारी पूर्व में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को नहीं दी गई थी।

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