संवाद सूत्र, थावे (गोपालगंज) : कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर शुक्रवार को बिहार के प्रमुख शक्तिपीठ थावे में मां सिंहासनी के दरबार में देव दीपावली मनाई जाएगी। इस बीच हजारों दीपों से मां सिंहासनी का दरबार रोशन होगा। कार्यक्रम को भव्य तरीके से संपन्न कराने को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी हो चुकी है। हालांकि एसडीओ सदर उपेंद्र कुमार पाल ने बताया कि कोरोना को लेकर आने वाले नये गाइड लाइन के साथ दो गज की दूरी और मास्क जरूरी किया गया है।

थावे दुर्गा मंदिर परिसर में 2011 से देव दीपावली की परंपरा मां विन्ध्यवासिनी के साधक डब्लू गुरू के सानिध्य में शुरू हुआ। इस देव दीपावली कार्यक्रम को प्रारंभ कराने में तत्कालीन डीएम पंकज कुमार की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, तब से प्रत्येक वर्ष देव दीपावली आस्था का केंद्र बन गया। देव दीपावली पर थावे मंदिर दीयों की रोशनी से जगमग होगा। ज्योतिषविद् पंडित राजेश्वरी मिश्र ने बताया कि देव दीपावली पर मां सिंहासनी के दरबार में दीप दान करने से ना सिर्फ शांति मिलती है, बल्कि दरिद्रता भी समाप्त होता है। यह दीप जीवन में उजाला भरता है। आपका दान किया गया दीप धर्मशास्त्र के साथ वातावरण के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। देव दीपावली शुभ मुहूर्त 19 नवंबर को शाम 5 बजकर 09 मिनट से 7.47 बजे तक है।

जानिए क्यों मनाई जाती है देव दीपावली

मां विध्यवासिनी के साधक डब्लू गुरु ने बताया कि त्रिपुरासुर राक्षस ने ब्रह्मा जी की तपस्या करके उनका वरदान पा लिया। वरदान पाने के बाद उसने तीनों लोकों पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया था। उसके अत्याचार से परेशान देवताओं ने भगवान शिव से इस राक्षस का अंत करने के लिए प्रार्थना की। भगवान शिव ने सभी देवताओं के विनती के बाद त्रिपरासुर से युद्ध करके उसका अंत कर दिया। इसलिए देव दीपावली के दिन पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है।

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