जागरण संवाददाता, गोपालगंज : जिले में बच्चों में वायरल बुखार का प्रकोप जारी है। वायरल बुखार के साथ ही बच्चों में चमकी बुखार के लक्षण भी देखने को मिल रहे हैं। बुधवार को भी सदर अस्पताल के ओपीडी सहित शहर के निजी अस्पतालों में वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों की भीड़ लगी रही, लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में वायरल बुखार से पीड़ित एक भी बच्चा नहीं रह गया है। स्वास्थ्य विभाग की नजर में वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या अब शून्य हो गई है। बीमार बच्चों की पहचान के उनकी सूची तैयार कर नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध कराने के लिए गांवों में घर-घर जा रही आशा कार्यकर्ताओं को बीमार बच्चे नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में अस्पतालों में वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों की भीड़ को देखते हुए लोग बीमार बच्चों की पहचान के लिए घर-घर आशा कार्यकर्ताओं को भेज कर पहचान करने के अभियान पर लोग सवार उठाने लगे हैं।

सितंबर महीने के शुरू होते ही जिले के वायरल बुखार से बच्चों के पीड़ित होने का मामला सामने आने लगा था। पिछले दस दिन से बच्चों में वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। वायरल बुखार से पीड़ित बैकुंठपुर के दीघवा गांव में एक बच्चे में चमकी बुखार का लक्षण मिला। इलाज के दौरान इस बच्चे की मौत हो गई। इस बच्चे के चमकी बुखार से पीड़ित मिलने के बाद पटना से स्वास्थ्य विभाग की टीम दिघवा गांव पहुंचकर 52 बच्चों का सैंपल लिया। पटना में सैंपल की जांच में 52 बच्चों में दो बच्चे एइएस, दो बच्चे डेंगू सहित 12 बच्चे बीमारी से पीड़ित मिले। थावे के बगहा निजामत गांव में वायरल बुखार से एक बच्चे की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चों की जांच के लिए पहुंची। मुजफ्फरपुर से चिकित्सकों की टीम सदर अस्पताल पहुंच कर पीकु वार्ड में भर्ती बच्चों की जांच करने के साथ ही बच्चों के बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों के साथ चर्चा की। बच्चों में वायरल बुखार के प्रकोप को देखते हुए सिविल सर्जन डा.योगेंद्र महतो ने आशा कार्यकर्ताओं को गांव गांव में घर घर जाकर बीमार बच्चों की पहचान कर इसकी सूची नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, लेकिन गांवों में बीमार बच्चों की पहचान करने घर घर जा रही आशा कार्यकर्ताओं को बीमार बच्चे नहीं मिल रहे हैं। जिसे देखते हुए अब स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में जिले में वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या शून्य हो गई है। हालांकि बुधवार को भी सदर अस्पताल के ओपीडी तथा शहर के निजी अस्पतालों में वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों की भीड़ लगी रही। वायरल बुखार से पीड़ित ढाई सौ से तीन सौ बच्चों को इलाज कराने के लिए उनके अभिभावक अस्पतालों में पहुंचे। सदर अस्पताल के ओपीडी वार्ड में तैनात चिकित्सक डा. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि प्रतिदिन काफी संख्या में वायरल बुखार से पीड़ित बच्चे इलाज कराने पहुंच रहे हैं। बच्चों में वायरल बुखार के प्रकोप को देखते हुए अभिभावकों को बच्चों पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा जा रहा है। बच्चे की तबीयत खराब होने पर उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में दिखाने की सलाह दी जा रही है। डा. नौशाद आलम ने बताया कि क्लीनिक में वायरल बुखार से पीड़ित दो सौ से अधिक बच्चों को उनके अभिभावक लेकर इलाज कराने आए थे। शहर के सभी निजी अस्पतालों में बुधवार को भी वायरल बुखार से पीड़ित बच्चे तथा उनके अभिभावकों की भीड़ लगी रही। वहीं इस संबंध में पूछे जाने पर सिविल सर्जन डा. योगेंद्र महतो ने जिले में वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों का आंकड़ा शून्य बताया। उन्होंने कहा कि जिले में वायरल बुखार के एक भी बच्चा पीड़ित नहीं है। एक सप्ताह से गांवों में घर-घर जाकर आशा कार्यकर्ता बीमार बच्चों की पहचान कर रही हैं। अब तक एक भी बीमार बच्चा नहीं मिला है।

गंदगी से करें परहेज, नहीं फैलेगी बीमारी

सिविल सर्जन डा. योगेंद्र महतो ने कहा कि कोई वायरल बुखार का मरीज नहीं है। कुछ दिन पहले तक इस तरह के मामले आए, लेकिन अब नहीं आ रहे है। उन्होंने कहा कि लोग अपने घर तथा आसपास के जगहों को साफ रखें। गंदगी से ही डायरिया, बुखार व अन्य प्रकार की बीमारी पनपती है।

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