नवादा, संवाद सहयोगी। हॉलमार्क देखकर भी असली का पता लगाना मुश्किल हो गया है। नकली गहने पर भी हॉलमार्क लगाए जा रहे हैं। ऐसे में ठगों से बचकर रहने की जरूरत है। नकली जेवर का धंधा करने के आरोप में पुलिस ने नाबालिग समेत दो लोगों को पकड़ लिया। उनके पास से नकली हॉलमार्क लगा लॉकेट, अंगूठी, कान का टॉप समेत 36 पीस गहने बरामद किए गए हैं। पकड़े गए आरोपितों में नाबालिग के अलावा एक अन्य वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के चकवाय गांव का राजू कुमार शामिल है। नाबालिग शेखपुरा जिले के चकदीवान का रहने वाला है।

आभूषण की दुकान में गिरवी रखने पहुंचा था जेवर 

बताया जाता है कि राजू बुधवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नहर पर स्थित मां दुर्गा ज्वेलर्स में लॉकेट गिरवी रखने पहुंचा था। जेवर कारोबारी उपेंद्र वर्मा ने उसे 45 सौ रुपये दिए थे। इसी बीच वह एक और लॉकेट गिरवी रखने की बात करने लगा। इसी बीच कारोबारी का पुत्र दुकान पहुंच गया। उसे राजू के हावभाव से शक हुआ तो उसने अपने पिता के समक्ष यह शंका जाहिर की। इसके बाद जेवर कारोबारी ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस वहां पहुंची और हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने सारा राज उगल दिया।

अमृतसर से मंगाता है नकली जेवर 

जिसमें उसने नाबालिग समेत एक और साथी के नाम को उजागर किया। उसने यह भी बताया कि वह अमृतसर से नकली हॉलमार्क लगा जेवर मंगाता है और इस तरह का गोरखधंधा करता है। पकड़े गए दोनों लोग वारिसलीगंज बाजार में किराए के मकान में रहते हैं। पुलिस एक अन्य आरोपित की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। गौरतलब है कि हॉलमार्क को आभूषणों के असली होने की गारंटी माना जाता है। लेकिन जिस तरह से अमृतसर में नकली गहने पर नकली हॉलमार्क लगाए जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को काफी सावधान रहने की जरूरत है।   

Edited By: Vyas Chandra