संवाद सूत्र, इमामगंज : गया जिले के इमामगंज सीआरपीएफ कैंप में 38 वर्षीय गंभीर रूप से घायल जवान छोटू लाल जाट पटना में जीवन और मौत से जूझ रहे हैं। बताया जाता है कि उनकी सीआरपीएफ में वर्ष 2004 में बहाली हुई थी। वे वर्ष 2021 में इमामगंज कैंप में आए थे। उस समय से उन्हें एक अच्छे जवान में गिनती हो रही थी। वे प्रोमशन की सूची में चल रहे थे। कैम्प में मिठाई खिलाने की चर्चा भी चल रही थी। बुधवार को जवान नाइट ड्यूटी कर तीन बजे विश्राम के लिए आए थे। गुरुवार की सुबह हर दिन की तरह जब जवानों की काउंटिंग के लिए मैदान में जाने के लिए विसिल लगी। सभी जवान मैदान में हाजिर हो गए। लेकिन छोटे लाल मैदान में नहीं पहुंचे। हवलदार उन्हें बुलाने के लिए कहने ही वाले थे कि बैरक से गोली चलने की आवाज आयी। 

पटना एम्स में रेफर, चल रहा इलाज

इसके बाद जवान व अधिकारी सीधे बैरक की ओर दौड़ पड़े। बैरक में पहुंचते ही जवानों ने देखा कि छोटे लाल की सीने में गोली लगी है। जमीन पर घायल अवस्था में गिरा पड़ा है, शरीर से काफी तेजी से खून निकल रहा है। जिन्हें आनन-फानन में सीएचसी में लाया गया। जहां प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सैयद अनवर अली ने प्राथमिक उपचार कर बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज गया रेफर कर दिया गया। उनके बाएं तरफ सीने में तीन गोली लगी थी। जिससे उन्हें वहां से भी बेहतर इलाज के लिए गया से पटना एम्स में रेफर कर दिया गया । जहां जवान का इलाज चल रहा है। हालांकि जवान ने आत्महत्या करने की कोशिश क्यों की यह मामला साफ नहीं हो सका है।

एफएसएल की टीम पहुंचेगी

घटना के संबंध में थानाध्यक्ष उदय शंकर ने बताया कि इमामगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित सीआरपी कैंप में एक जवान ने खुद को गोली मारी है। जिसका इलाज पटना में चल रहा है। विशेष मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। घटना की जानकारी जिला मुख्यालय के अधिकारी को दे दी गई है। वरीय अधिकारी के निदेश पर पटना से एफएसएल की टीम गुरुवार की देर रात इमामगंज कैंप पहुंचेगी। जहां घटनास्थल से नमूना संग्रह की जाएगी। फिलहाल घटनास्थल को बैरिकेटिंग कर सुरक्षित रखा गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि जिस इंसास से जवान ने गोली चलाई है, उसे कैंप में सुरक्षित रखा गया है। एफएसएल की टीम आने के बाद इंसास को बाहर जांच के लिए निकाला जाएगा।

Edited By: Prashant Kumar Pandey

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