संवाद सहयोगी, बिक्रमगंज : रोहतास। न्यायिक दंडाधिकारी महेश्वरनाथ पांडेय के सरकारी आवास में सशस्त्र अपराधियों द्वारा दिनदहाड़े की गई लूट मामले का खुलासा गुरुवार को भी नहीं हुआ। पुलिस ने इस मामले में उस शख्स को हिरासत में लिया है, जिसके नाम का उपयोग कर अपराधी वहां तक पहुंचे थे। हिरासत में लिए गए उपेंद्र तिवारी न्यायिक दंडाधिकारी के पूर्व परिचित व दूर का रिश्तेदार भी बताए जाते हैं। 

पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है, लेकिन अब तक कुछ सामने नहीं आया है। घटना की जांच में दो बार एसपी आशीष भारती भी यहां आ चुके हैं। मंगलवार को घटना के दिन एसपी घटनास्थल पर पहुंचे थे। उसी दिन जिला जज भी आए थे। हिरासत में लिए गए उपेंद्र तिवारी से यहां तैनात प्रशिक्षु आइपीएस डा. के रामदास, एसडीपीओ शशिभूषण सिंह व बुधवार की शाम पहुंचे एसपी ने भी पूछताछ की। 

एसपी के अनुसार अभी जांच चल रही है। पुलिस सूत्रों की के अनुसार उपेंद्र से इस लूट के मामले में कोई जानकारी नहीं मिली है। इस घटना के खुलासा में देर होने से वहां रह रहे अन्य न्यायिक अधिकारियों में सुरक्षा के प्रति अविश्वास होना स्वाभाविक है। वैसे भी न्यायालय परिसर के पास बने आवास में कई वर्षों तक अधिकारी और कर्मी वहां नहीं रहते थे। अब करीब 10 वर्षों से अधिकारी व कर्मी जब वहां रहने लगे तो सुरक्षा की भी चिंता सताने लगी है।

Edited By: Prashant Kumar Pandey