गया। बारिश ने पिंडदानियों को सुफल का आशीर्वाद लेने में खलल डाला। शनिवार सुबह से जारी बारिश ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दीं। पितृपक्ष में अमावस्या तिथि को अक्षयवट पिंडवेदी में कर्मकांड का विधान है। यहां गयापाल पुरोहित पिंडदानियों को सुफल का आशीर्वाद देते हैं। बारिश ने सबकुछ बिगाड़ कर रख दिया। अक्षयवट पिंडवेदी में सुबह से पिंडदानियों की भीड़ उमड़ने लगी। बारिश में भीगते हुए श्रद्धालु पिंडवेदी पर पहुंच रहे थे। क्योंकि बारिश के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। चांदचौरा से अक्षयवट जाने वाली, विष्णुपद मार्ग एवं बाइपास से अक्षयवट आने वाली सड़क पूरी तरह जाम थी। उक्त सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी थीं। इस कारण पिंडदानियों को काफी परेशानी हो रही थी। जाम को देखते हुए वे वाहनों को छोड़ अक्षयवट पिंडवेदी पहुंच रहे थे। वहां बारिश में भीगकर गयापाल पुरोहितों द्वारा सुफल का आशीर्वाद पीठ थपथापकर दिया जा रहा था। रामसागर तालाब के जलजमाव के कारण विष्णुपद मंदिर जाने वाली सड़क भी जाम थी। इस कारण श्रद्धालु करीब एक किलोमीटर की दूरी तय कर देवघाट पहुंच रहे थे। देवघाट पर श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन द्वारा किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई थी। अमास्वया तिथि को काफी संख्या में श्रद्धालु तर्पण के लिए देवघाट पहुंचते हैं। यही हाल सीढि़यां घाट, पितामहेश्वर घाट, सीताकुंड व अन्य घाटों पर भी दिखा।

Posted By: Jagran

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