जागरण संवाददाता, बोधगया। मगध विश्‍वविद्यालय (Magadh University) और आइआइएम के बीच जमीन बंटवारे का विवाद निपट नहीं सका है। इसको लेकर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार गुरुवार को पहुंचे तो विवाद सलटने के आसार दिखे लेकिन वे पुराने आश्‍वासन को दोहरा कर चले गए। प्रधान सचिव ने मगध विवि का परिभ्रमण कर आइआइएम (IIM) और विवि के अधिकारियों के साथ बैठक भी की। लेकिन नया कुछ नहीं हुआ।

मगध विवि ने आइआइएम को दी है सौ एकड़ जमीन

बता दें कि एक सौ से अधिक एकड़ भूखंड आइआइएम को मगध विश्‍वविद्यालय पहले ही दे चुका है। बावजूद इसके  विवि के अन्‍य भूखंडों पर आइआइएम की ओर से घेराबंदी की जा रही है। यह शिकायत कुलपति ने राजभवन से की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव मगध विवि आए थे। लेकिन 2018 में तत्‍कालीन प्रधान सचिव वाली बात ही उन्‍होंने दोहराई  मालूम हो कि विवि के कई छात्रावास, स्टेडियम, शिक्षक और कर्मचारियों के आवास आइआइएम परिसर में चले गए हैं। इसको लेकर विश्‍वविद्यालय प्रशासन परेशान है। नियमित क्लास करने वाले छात्रों के लिए बनाए गए छह छात्रावास आइआइएम के कब्जे में चला गया है। महज दो महिला छात्रावास मगध विवि के अधीन रह गया है।

आइआइएम को कराना है छात्रावास (Hostel) का निर्माण

प्रधान सचिव के आने से पहले कुलपति (Vice chancellor) प्रो राजेंद्र प्रसाद ने विश्‍वविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया। निर्माणाधीन अल्पसंख्यक छात्रावास को वर्तमान में विश्‍वविद्यालय के छात्रों के लिए आवंटन का आश्‍वासन दिया। हालांकि विवि के पीआरओ संजय कुमार ने बताया कि विवि प्रशासन प्रधान सचिव को दिए गए आश्‍वासन से काफी संतुष्ट है। भविष्य में विवि में नए स्टेडियम और छात्रावास मिलने की उम्मीद है। मालूम हो कि यह आश्‍वासन को 2018 से मिल रहा है। तत्कालीन प्रधान सचिव ने भी आइआइएम को भूखंड आवंटित किए जाने के समय कहा था कि आइआइएम मगध विवि के लिए नए छात्रावास का निर्माण कराएगा।  लेकिन यह आज तक पूर्ण नहीं हो सका है। आइआइएम एमयू के शिक्षा विभाग के नवनिर्मित भवन भी अपने अधीन कर मुख्यालय का संचालन कर रहा है।

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