चांद (कैमूर), संवाद सूत्र । शिक्षक नियोजन किए जाने के बाद नियोजन में धांधली का मामला सामने आना शुरू हो गया है। अभ्यर्थियों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर शिक्षक नियोजन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की मांग की है। यह मामला चांद प्रखंड के विउरी पंचायत का है। 12 जुलाई को शिक्षक नियोजन के लिए अभ्यर्थियों का काउंसिलिंग कराई गई। विउरी पंचायत में कुल चार पदों पर शिक्षकों का नियोजन किया जाना था। चार पद में दो सामान्य में एक पुरुष एवं एक महिला  एक इडब्लूएस महिला एवं एक पद बीसी के लिए आरक्षित था।

12 जुलाई को तत्कालीन बीडीओ रवि रंजन की अध्यक्षता में गांधी स्मारक उच्च विद्यालय में सभी 12 पंचायतों के शिक्षक नियोजन के लिए अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग कराई गई। विउरी पंचायत शिक्षक नियोजन में बीसी कैटगरी में दिग्विजय सिंह की एक मात्र काउंसिलिंग कराई गई। बाद में जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा दिग्विजय सिंह का निवास प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर शिक्षक नियोजन में चयन को रद कर दिया गया। जानकारी के अनुसार दिग्विजय सिंह का चयन रद किये जाने के बाद दूसरे अभ्यर्थी का बिना काउंसिलिंग किए चयन करने का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी को दिए आवेदन में अभ्यर्थी उज्जवल कुमार ने मेधा सूची में 247 पर दर्ज दिग्विजय सिंह की काउंसिलिंग रद किये जाने के बाद चोरी छिपे चयन करने का आरोप पंचायत शिक्षक नियोजन इकाई पर लगाया है।

उज्जवल कुमार ने 29 जुलाई को जिलाधिकारी को लिखे पत्र में कहा है कि विउरी पंचायत शिक्षक नियोजन इकाई ने  बीसी कैटगरी में केवल एक अभ्यर्थी दिग्विजय सिंह की काउंसिलिंग  कराई गई थी। उन्होंने कहा कि नियमत: जब दिग्विजय सिंह का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया तो पंचायत शिक्षक नियोजन इकाई को काउंसिलिंग  की तिथि रखकर अभ्यर्थियों को सूचित किया जाना चाहिए। विउरी पंचायत शिक्षक नियोजन इकाई के द्वारा बीसी कैटगरी के लिए केवल दिग्विजय सिंह की ही काउंसिलिंग कराई गई है। शिक्षक नियोजन की वेवसाइट पर यही दिख रहा है। जिसमें तत्कालीन बीडीओ के हस्ताक्षर है तो फिर बिना काउंसिलिंग कराए दूसरे अभ्यर्थी का चयन कैसे किया जा सकता हैं। इस संबंध में पंचायत शिक्षक नियोजन इकाई के अध्यक्ष सह परामर्शी समिति अध्यक्ष प्रतिनिधि राधेश्याम सिंह ने कहा कि शिक्षक नियोजन में सभी नियम प्रक्रिया पालन किया गया है।

 

Edited By: Sumita Jaiswal