गया। राजकीय मध्य विद्यालय खरखुरा के जर्जर भवन के जीर्णोद्धार को लेकर आमजन गोलबंद हो गए हैं। खरखुरा के स्थानीय लोग शुभ मुहूर्त में विद्यालय भवन के निर्माण कार्य के शिलान्यास की तैयारी कर रहे हैं। बता दें कि इस विद्यालय का भवन जर्जर हो जाने के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी। दैनिक जागरण ने इस सुविधाविहीन विद्यालय की स्थिति की ओर सरकार, प्रशासन और आमजन का ध्यान 17 नवंबर 2021 को खबर प्रकाशित कर आकृष्ट कराया। इसके बाद डीईओ रामदेव राम के आदेश पर 29 नवंबर को इसे आरआर अशोक उच्च विद्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया। यह विद्यालय दूसरी शिफ्ट में वर्ग संचालन के लिए वहां शुरू हो गया है।

फकीरा स्कूल डेवलपमेंट मोर्चा के सदस्यों ने बताया, शुभ मुहूर्त में जिला शिक्षा पदाधिकारी रामदेव राम व अन्य व्यक्तियों की उपस्थिति में राजकीय मध्य विद्यालय, खरखुरा के जर्जर भवन का निर्माण कार्य शुरू कराएंगे। इसके लिए स्थानीय लोग व मोर्चा के सदस्य सुजीत कुमार, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार वर्मा, पुटूश कुमार, द्वारिका प्रसाद रामचरित्र प्रसाद,नरेश प्रसाद, संतोष कुमार आदि गोलबंद हो गए हैं। वहीं, धार्मिक ट्रस्ट ठाकुरबारी कोइरीबारी के सदस्य डा. मनोज कुमार ने बताया कि मध्य विद्यालय का स्थानांतरण शिक्षा विभाग ने कर दिया है। इसके बावजूद ट्रस्ट के अध्यक्ष महादेव प्रसाद और स्थानीय लोगों के सहयोग से बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। साथ ही ट्रस्ट द्वारा राज्यपाल के नाम पर जमीन करने की तैयारी जारी है। चेतना सत्र में उपस्थित रहे बच्चे व शिक्षक :

आरआर अशोक उच्च विद्यालय में स्थानांतरण के बाद राजकीय मध्य विद्यालय खरखुरा में दूसरे दिन 11:30 बजे मंगलवार को चेतना सत्र आयोजित था। इसमें लगभग 225 छात्र-छात्राएं उपस्थित हुए। इस दौरान प्रधानाध्यापक व सभी शिक्षक उपस्थित दिखे। विद्यालय में सभी वर्ग के कक्ष व बरामदे बच्चों से भरे थे। प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यहां 428 बच्चे हैं। अगर सभी बच्चे उपस्थित हो जाएं तो बैठने की व्यवस्था नहीं हो पाएंगी। कार्यालय के लिए उच्च विद्यालय का पुस्तकालय कक्ष दिया गया है। मध्य विद्यालय खरखुरा से टेबल, रजिस्टर, कुर्सियां आदि सामग्री आ गई है। अपना भवन अपना होता है, जल्द हो विद्यालय का भवन निर्माण :

छात्राओं का कहना है कि यहां अच्छा नहीं लग रहा है, 'अपना विद्यालय अपना होता है।' यहां लग रहा कि हम लोग किराए के मकान में आ गए हैं। स्कूल नया बन जाता तो बहुत अच्छा होगा। विद्यालय का नया भवन जल्द तैयार कराया जाएगा। छात्राओं ने कहा कि यहां का क्षेत्र अच्छा नहीं है। कुछ मनचले विद्यालय आते समय अभद्र टिप्पणियां करते हैं। सड़क भी अधिक चालू है। गाड़ियां तेज रफ्तार से चलती हैं। विद्यालय आने में डर लगता है।

Edited By: Jagran