जागरण संवाददाता, गया : रविवार को भूमि अधिग्रहण विरोधी संघर्ष समिति की बैठक में 5 दिसंबर को डीएफसीसीआइएल के स्थानीय कार्यालय के समक्ष साकेतिक धरना देने का निर्णय लिया गया। वागेश्री मंदिर प्रागण में हुई बैठक में मौजूद कंडी नवादा मौजा के भूधारियों ने कहा कि डीएफसीसीआइएल के कोलकाता मुख्यालय के मुख्य प्रबंधक की वजह से अधिग्रहण प्रक्रिया करीब पाच साल से लंबित है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए समिति के संरक्षक पूर्व वायुसैनिक परमानंद सिंह ने कहा कि अवार्ड की घोषणा के दो साल बीत जाने के बाद सीपीएम द्वारा मगध प्रमंडलीय आयुक्त के न्यायालय में भूमि की प्रकृति को लेकर वाद दायर करना जनहित और नियम के विरुद्ध है। इसके कारण अधिग्रहण की प्रक्रिया लंबित चली आ रही है। बैठक का संचालन करते हुए देवपति सिंह ने कहा कि डीएफसीसीआइएल के पदाधिकारी जानबूझकर अधिग्रहण मामले को लंबा खींच रहे हैं। इसके कारण केंद्र की महत्वाकाक्षी रेल परियोजना माल ढुलाई के लिए अलग से नई रेल लाइन बिछाने व इस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनने में देरी हो रही है।

Posted By: Jagran

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