गया । जिले के कई इलाकों में बारिस के पानी से जलजमाव के बाद मच्छरों के प्रकोप का खतरा बढ़ गया है। इसको ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित जगहों की पहचान की गई है। साथ ही मच्छरों से फैलने वाले डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्ययोजना के तहत नियमित एंटी लार्वा का छिड़काव भी किया जा रहा है।

जिला मलेरिया जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. एमई हक ने बताया कि विभिन्न इलाकों को चिह्नित कर अलग अलग समय के अंतराल पर नालियों में छिड़काव किया जा रहा है। विशेष कर घनी आबादी वाले एरिया में उन स्थानों को चिह्नित किया गया है। वहा जलजमाव की समस्या हमेशा बनी रहती है। साथ ही उन जगहों को भी चिह्नित किया गया है, जहा गोशाला या कचरा अधिक जमा होता है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में छिड़काव करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया बीमारी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। सोते समय मच्छरदानी आदि के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। जलजमाव वाले क्षेत्रों में लोगों को विशेष रूप से जागरूक करने का काम हो रहा है। लोगों से आसपास के जलजमाव वाले एरिया में केरोसिन तेल के छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इस अभियान के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की रैपिड रिसपास टीम का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर केमिकल का छिड़काव करने के साथ ही बीमारी के लक्षणों की जानकारी दे रही है।

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विभिन्न इलाकों में हुए छिड़काव

डेंगू व चिकनगुनिया के लिए शहर के कई इलाकों को चिह्नित कर लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव किया गया है। इनमें शहरी क्षेत्र के डेल्हा, खरखुरा, मुरली हील, टेकारी रोड, भट्ट बिगहा, वागेश्वरी रोड, कंडी विथो, रामशीला रोड, नई गोदाम रोड, तुतबाड़ी, महारानीगंज आदि शामिल हैं।

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इन क्षेत्रों में आज होंगे छिड़काव

डेंगू व चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए पावरगंज रोड, मुरली पहाड़ी रोड, डोमटोली रोड, रामधनपुर, खैरात अहमद रोड आदि क्षेत्र की नालियों में लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव होगा। इसके अलावा केपी रोड, जीबी रोड, दलहट्टा रोड, गुरुद्वारा रोड से स्टेशन रोड के सभी नालियों में एंटी लार्वा केमिकल का छिड़काव किया जाएगा।

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रैपिड रिस्पास टीम

कर रही मॉनीटरिंग

एंटी लार्वा केमिकल छिड़काव के काम की मॉनीटरिंग रैपिड रिस्पास टीम की देखरेख में हो रहा है। टीम स्थायी जलजमाव वाले क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए सभी गंदगी वाले एरिया की नालियों में केमिकल का छिड़काव कर रही है। लोगों को बुखार के लक्षणों की जानकारी भी दी जा रही है। व्यक्ति को तेज बुखार के साथ शरीर के हिस्सों में तेज दर्द है तो बिना देरी किए चिकित्सक से मिलना आवश्यक है। सदर अस्पताल सहित सामुदायिक स्तर के सभी सरकारी अस्पतालों में इलाज, खून की जाच व दवा की व्यवस्था है।

Posted By: Jagran

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