नवादा/गया, जागरण टीम।  कृषि के लिए मशहूर मघा नक्षत्र का प्रवेश मंगलवार को दिन के 03 बजकर 33 मिनट पर होगा। इसके साथ ही मौसम में बदलाव की संभावना है। अश्लेषा से किसानों को निराशा  के बाद मघा से भी कोई खास उम्मीद नहीं है। मघा नक्षत्र में बिहार के दक्षिण के जिलों में अल्पवृष्टि की संभावना है। ऐसे में धान के खेतों में पानी की कमी हो सकती है।

इस बावत कृषि कवि घाघ कहते हैं- आद्र्रा चौथ, मघा पंचक। यानी आद्र्रा बरसा तो चार नक्षत्र में अच्छी बारिश होगी और मघा बरसा अगले पांच नक्षत्रों में अच्छी बारिश होगी।

वैसे कहा गया है- होनी,जानी,पानी, व्यास मुनी भी न जानी। पिछले कई वर्षों से मौसम का चक्र गड़बड़ चल रहा है। इस वर्ष भी रोहिणी नक्षत्र से बारिश आरंभ हुई वह जारी रही। किसानों को धान के बिचड़े डालने में विलंब हुआ तो धान की रोपनी में भी देर हुआ। जिले में लक्ष्य के अनुरूप धान की रोपनी नहीं हो सकी।

अब जब धान की रोपनी हो चुकी है तो खाद के लिए मारामरी है। प्रशासन के लाख चेतावनी के बावजूद खाद की कालाबाजारी जारी है। बहरहाल मघा का प्रवेश मंगलवार को होने के साथ मौसम में बदलाव की संभावना है। इसके साथ ही छह दिनों के बाद श्रावण मास की विदाई रक्षाबंधन के साथ हो जायेगा।

गया में निकली चटख धूप

गया में आज की सुबह चटख धूप लिए हुए है। सुबह के 8 बजे ही तेज धूप  उमस व गर्मी का एहसास करा रही है। मंद - मंद हवा थोड़ी राहत जरूर दे रही है।  जिले में आज का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं न्यूनतम तापमान 22 डिग्री तक रहेगा। गया में आज गर्मी लोगों की परेशानियां बढ़ाएगी। आसमान आमतौर पर साफ रहने की संभावना जताई गई है। दोपहर 2 बजे के बाद मौसम में थोड़ा बदलाव हो सकता है। हालांकि बारिश की उम्‍मीद नहीं है।

 

Edited By: Sumita Jaiswal