जागरण संवाददाता, गया : पितृपक्ष मेले में आने वाले पिंडदानियों को शुद्ध और ताजा भोजन मिलेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के फूड विंग ने तैयारी शुरूकर दी है। सर्वप्रथम स्टेशन रोड के भोजनालय की जांच की गई। सोमवार को खाद्य संरक्षा अधिकारी सह अभिहित अधिकारी मुकेश कश्यप ने आलोक होटल के किचन की जांच की। वहां गंदगी मिलने पर दुकानदार को तीन दिन बंद कर सफाई करने का निर्देश दिया। पुन: निरीक्षण के बाद ही कार्य शुरू करने की बात कही। उन्होंने बताया कि यहा से नकली पनीर और दुर्गध वाली लड्डू मिली थी, जिसे नष्ट किया गया। दुकानदार के सामने ही नकली पनीर की पहचान कराकर नष्ट किया गया। उन्होंने असली व नकली पनीर की पहचान करने का सरल तरीका बताया है। आयोडीन को पनीर के ऊपर डालें। आयोडीन डालने के बाद पनीर अगर नीला पड़ जाता है तो समझें नकली है। यह परीक्षण घर में आयोडीन युक्त नमक से कर सकते हैं। नमक को पानी में घोलें और पनीर पर डालें। यहां मसाला व बंद बोतल पानी का नमूना भी लिया गया है।

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