संवाद सहयोगी, रजौली(नवादा)। जितने बेड हैं, उसी के अनुपात में महिलाओं का बंध्‍याकरण करें। किसी भी हाल में उन्‍हें जमीन पर नहीं सुलाना है। ऐसा हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। यह हिदायत एसडीओ चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार को अनुमंडलीय अस्पताल (Sub divisional Hospital) परिसर में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (Primary Health Center) के निरीक्षण के दौरान कहीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पीएचसी प्रभारी डॉ बीएन चौधरी को इस बिंदु पर स्‍पष्‍ट निर्देश दिया।

एसडीओ ने कहा कि महिलाओं को जमीन पर सुलाने की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोशिश करें कि जितने बेड हैं उससे 1-2 कम ही महिलाओं का ही बंध्याकरण (Sterilization) ऑपरेशन हो ताकि किसी को भी बेड नहीं होने की समस्या झेलना नहीं पड़े। उन्होंने कहा कि उपलब्ध बेड से अधिक महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग को भी लिखा जाएगा।

महिलाओं को जमीन पर सुला दिया गया था

गौरतलब है कि लगभग एक सप्‍ताह पूर्व पीएचसी में 29 महिलाओं का बंध्याकरण किया गया था। कड़ाके की ठंड में भी ऑपरेशन के बाद सभी महिलाओं को जमीन पर सुला दिया गया था। इसके कारण मरीजों में काफी आक्रोश था। हालांकि एसडीओ को सूचना दिए जाने के बाद रजौली सीओ अनिल कुमार ने रात 11 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच कर जांच की। मरीजों को अनुमंडलीय अस्पताल में बेड पर शिफ्ट करने की बात कही गई थी। लेकिन मरीजों ने यह कह कर बेड पर जाने से मना कर दिया था कि अब तो महज 4 घंटे ही बचे हैं और सुबह उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। 

एसडीओ ने कहा-बेड मिल गए, प्रभारी ने कहा-उन्‍हें नहीं पता कहां है

एसडीओ ने रात में ही सिविल सर्जन डॉ विमल प्रसाद सिंह से बात की। इसके बाद 19 फरवरी को रजौली पीएचसी को 20 बेड उपलब्ध कराए गए हैं। एसडीओ ने कहा कि पीएचसी को बेड उपलब्ध करा दिए गए हैं। ऑपरेशन कराने वाली महिलाओं को किसी प्रकार की कोई समस्या का सामना करना नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए हर संभव मदद को तत्पर है। हालांकि पीएचसी प्रभारी डॉ बी एन चौधरी ने रजौली को मिले बेड के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि बेड कहां पर रखा हुआ है। इस संदर्भ में वे कोई आधिकारिक बात नहीं कर सकते।

 

Edited By: Vyas Chandra