काराकाट (रोहतास), संवाद सूत्र। पंचायत चुनाव में मुखिया चलाएंगे ठेला गाड़ी और ढोलक बजाएंगे। वहीं सरपंच चौकी बेलना के साथ प्रचार करते मिलेंगे। मंगलवार को प्रखंड कार्यालय पर विभिन्न पदों के प्रत्याशियों को उनका चुनाव चिह्न आवंटित किया गया। सिंबल लेने वालों में शामिल कई प्रत्याशियों ने बताया कि इस बार मुखिया पद के लिए आवंटित चुनाव चिह्न में पहली बार काठ गाड़ी व ढोलक को शामिल किया गया है। इसके पहले काठ गाड़ी सरपंच के चुनाव चिह्न में शामिल हुआ करती थी।

चौकी -बेलन को पहली बार शामिल

सरपंच पद के चुनाव चिह्न के लिए चौकी -बेलन को पहली बार शामिल किया गया है। इससे इतर वार्ड सदस्य पद के प्रत्याशी को चुनाव चिह्न में पहली बार पीपल का पत्ता व घड़ा दिया गया है। इसके साथ ही कुल्हाड़ी, चश्मा, गेंहू की बाली भी चुनाव चिह्न में शामिल है। इस पद के प्रत्याशियों का कहना है कि वार्ड सदस्य के लिए आवंटित सभी चिह्न की पहचान आसान है।  कुल्हाड़ी के साथ पीपल का पत्ता, घड़ा, चश्मा, गेंहू की बाली जैसी वस्तुओं को शामिल किया गया है, जिससे गांव में सभी परिचित हैं। निर्वाची पदाधिकारी सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि आवेदन अस्वीकृत करने व नाम वापसी के बाद शेष बचे विभिन्न पदों के 2074 प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न उपलब्ध कराया गया है ।

मतगणना कार्य से अनुपस्थित 23 कर्मियों से पूछा गया स्पष्टीकरण

बगैर सूचना चुनाव कार्य से अलग रहने वाले कर्मियों व अधिकारियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। दो दिन पूर्व जिला मुख्य स्थित बाजार समिति के प्रांगण में हुए पहले चरण के पंचायत चुनाव के मतगणना कार्य से अनुपस्थित रहे दो दर्जन कर्मियों पर अनुशासनिक कार्रवाई तय मानी जा रही है। कर्मियों को मतगणना कार्य से अनुपस्थित रहने को गंभीरता से लेते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम धर्मेंद्र कुमार ने उनसे स्पष्टीकरण पूछा है। अगर जवाब संतोषजनक नहीं रहा तो उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई होगी।

जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी सत्यप्रिय कुमार की माने तो प्रथम चरण के तहत दावथ व संझौली प्रखंड में हुए चुनाव का मतगणना कार्य 26 सितंबर को कराई गई थी। सख्त निर्देश के बावजूद दो दर्जन कर्मी अपने ड्यूटी से अनुपस्थित रहे। जिसमें दावथ प्रखंड के तीन मतगणना पर्यवेक्षक, पांच मतगणना सहायक व तीन माइक्रो प्रेक्षक जबकि संझौली प्रखंड में एक काउंङ्क्षटग सुपरवाइजर, आठ मतगणना सहायक एवं तीन माइक्रो आब्जर्वर अनुपस्थित रहे। जिन पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अनुपस्थित सभी कर्मियों से जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) के द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई है। जवाब संतोषजनक या प्राप्त नहीं होता है तो संबंधित कर्मियों के विरुद्ध अन्य अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

 

 

Edited By: Sumita Jaiswal