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गया का संडेश्वर धाम: जमीन से 15 फीट नीचे विराजमान हैं कामना लिंग, दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु

Published: Wed, 12 Aug 2026 10:18 AM (IST)

गया के फतेहपुर में स्थित प्राचीन संडेश्वर धाम मंदिर कामना लिंग के रूप में प्रसिद्ध है, जहाँ सच्चे मन से ...और पढ़ें

संडेश्‍वर  नाथ महादेव मंद‍िर। जागरण

संडेश्‍वर नाथ महादेव मंद‍िर। जागरण

जिला मुख्यालय गया से करीब 40 किलोमीटर पूरब तथा फतेहपुर प्रखंड मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर पूरब-दक्षिण दिशा में पवित्र ढाढ़र नदी के तट पर स्थित संडेश्वर धाम मंदिर प्राचीन आस्था का प्रमुख केंद्र है।

मंदिर परिसर की सुंदर वादियां और शांत वातावरण श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। यहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।

सावन माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूरे महीने श्रद्धा और आस्था के साथ बाबा संडेश्वर नाथ का जलाभिषेक करते हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों के अलावा दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए यहां पहुंचते हैं।

मंदिर का इतिहास

संडेश्वर धाम मंदिर का वर्णन शिव पुराण और सोरठी विरजाभार पुस्तक में मिलने की बात कही जाती है। मंदिर की प्राचीनता मध्यकाल से पूर्व की मानी जाती है।

मगध क्षेत्र में यह प्रमुख धार्मिक स्थल कामना शिवलिंग के रूप में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि काले पत्थर में भगवान शिव कामना रूप में विराजमान हैं।

श्रद्धालु बाबा संडेश्वर नाथ की पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामना पूर्ण होने की कामना करते हैं। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्तों की मनवांछित मनोकामना पूर्ण होती है।

मंदिर की विशेषता

संडेश्वर धाम की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित काले पत्थर का प्राचीन शिवलिंग है। जमीन की सतह से करीब 15 फीट नीचे बाबा संडेश्वर नाथ विराजमान हैं।

कामना लिंग के रूप में प्रसिद्ध होने के कारण यहां श्रद्धालुओं की विशेष आस्था है। भक्त पूरे वर्ष बाबा के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। सावन, महाशिवरात्रि सहित अन्य विशेष अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है।

ऐसे पहुंचें संडेश्वर धाम

सड़क मार्ग से गया-रजौली स्टेट हाईवे-70 तथा वजीरगंज-फतेहपुर मार्ग से फतेहपुर पहुंचकर संडेश्वर धाम जाया जा सकता है।

रेल मार्ग से आने वाले श्रद्धालु पहाड़पुर रेलवे स्टेशन उतर सकते हैं। वहां से टेंपो के माध्यम से डुमरी चट्टी होते हुए संडेश्वर धाम पहुंचा जा सकता है।

मनोकामना पूर्ण होने की है मान्यता

Somnath Pandey

प्राचीनता और कामना लिंग के रूप में प्रसिद्ध होने के कारण संडेश्वर धाम में वर्षभर श्रद्धालुओं का आगमन होता रहता है। बाबा के दरबार में आने वाले भक्तों की मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता है। मनोकामना पूर्ण होने के बाद भी श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

सोमनाथ पांडेय, सेवायत सह प्रधान पुजारी

पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की जरूरत

Balram

मंदिर कमेटी के सचिव बलराम कुमार ने बताया कि पर्यटन विभाग की ओर से मंदिर के सुंदरीकरण का कार्य कराया जा रहा है। अब संडेश्वर धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर इसे पर्यटन मानचित्र से जोड़ने की आवश्यकता है। मंदिर की प्राचीनता और धार्मिक महत्व को देखते हुए यहां सुविधाओं का विस्तार होने से श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी।

बलराम कुमार, सचिव, मंदिर कमेटी