जागरण संवाददाता, सासाराम। स्कूल से लगातार अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों को भुगतान करने वाले नौहट्टा प्रखंड के बीईओ पर अनुशासनिक कार्रवाई होगी। डीएम धर्मेंद्र कुमार ने अधिकारी पर लगे आरोपों को सही पाए जाने के बाद डीईओ को बीईओ के विरूद्ध आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक कार्रवाई के लिए विभाग को भेजने का निर्देश दिया है। साथ ही संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापकों व प्रभारी के साथ संबद्ध शिक्षकों पर भी कार्रवाई करने को कहा है ताकि भविष्य में इस तरह के कार्य पर रोक लग सके।

डीईओ संजीव कुमार की मानें तो नौहट्टा प्रखंड युवा जदयू अध्यक्ष द्वारा डीएम के पास की गई शिकायत की जांच दो माह पूर्व जुलाई में की गई थी। जिसमें अध्यक्ष ने यह आरोप लगाया था कि प्रखंड के कई मध्य व प्राथमिक विद्यालयों में पदस्थापित व प्रतिनियुक्त शिक्षक अपने विद्यालय से लगातार अनुपस्थित रह रहे हैं। इस बावजूद प्रधानाध्यापक व बीईओ की मिलीभगत से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों को वेतन भुगतान किया जाता रहा है। परिवाद पत्र को गंभीरता से लेते हुूए डीएम ने पूरे मामले की जांच कर शीघ्र प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश डीईओ को दिया था। निर्देश के आलोक में डीईओ द्वारा की गई विषयगत विद्यालयों की जांच में आरोपों को सही पाते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी।

बीईओ व हेडमास्टर की मिलीभगत से सरकारी राशि को नुकसान होने की बात कही गई थी। जिसके बाद डीएम ने प्रतिवेदन के आलोक में बीईओ पर आरोप पत्र गठित कर विभाग को भेजने तथा प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों पर अनुशासनिक कार्रवाई करने का आदेश दिया है। इस बाबत डीईओ संजीव कुमार ने कहा कि डीएम से मिले निर्देश का शीघ्र ही अनुपालन किया जाएगा। बताते चले कि नौहट्टा प्रखंड तो फिलहाल एक मिसाल के तौर पर है। जिले के कोई ऐसा प्रखंड नहीं होगा, जहां पर विभागीय अधिकारी व प्रधानाध्यापक की मिलीभगत से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों को वेतन भुगतान होता न हो। यहां तक गैर हाजिर पाए जाने वाले शिक्षकों के वेतन  स्थगित व बाद में प्राप्त स्पष्टीकरण के बाद भुगतान का आदेश भी आम बात है।

Edited By: Prashant Kumar