सासाराम (रोहतास), जागरण संवाददाता। कोरोना संक्रमण के दौरान होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों व उनके स्‍वजनों के अलावा सभी जरूरतमंद परिवारों, गरीब, मजदूर, दिव्यांग, निराश्रित व असहायों के रोहतास जिला प्रशासन (Rohtas District Administration) का तरीका अब पूरे राज्‍य में लागू किया जाएगा। इसके लिए राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत (Additional Chief Secretary Pratyay Amrit) ने आदेश निर्गत कर रोहतास मॉडल (Rohtas Model) को सभी जिलों में लागू करने के लिए कहा है।

ऐसे काम करता है रोहतास मॉडल 

डीएम धर्मेंद्र कुमार (DM Dharmendra Kumar) ने बताया कि समीक्षा के दौरान उन्होंने यहां के अस्पतालों में कोरोना मरीजों के स्‍वजन के लिए सामुदायिक रसोई प्रारंभ करवा निशुल्क भोजन की व्यवस्था कराई है। इसके अलावा होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों व उनके स्‍वजन के लिए वाट्सएप व फोन कॉल के माध्यम से घर तक भोजन उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे हैं। होम आइसोलेशन वाले मरीजों व उनके परिवार तक निशुल्क भोजन उपलब्ध कराने वाला रोहतास पहला जिला है। समीक्षा में इस कार्य से प्रभावित हुए आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव ने रोहतास मॉडल को पूरे सूबे में लागू कर दिया।

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ऑन डिमांड घर तक भोजन उपलब्‍ध कराने की व्‍यवस्‍था 

कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान न केवल कोरोना मरीजों व उनके स्‍वजन को ऑन डिमांड घर तक भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराई गई है बल्कि वैसे सभी जरूरतमंद परिवारों, गरीब, मजदूर, दिव्यांग, निराश्रित व असहायों को भी घर तक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। बताया कि अधिकांश दिव्यांग, अन्य बीमारियों से ग्रसित गरीब, वृद्ध, निराश्रित, मजदूर सामुदायिक रसोई तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिसके लिए घर तक भोजन का पैकेट (Food Packat) उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए मोबाइल व वाट्सएप नंबर व मोबाइल नंबर जारी किया गया है। लोग परिवार में सदस्यों की संख्या, निवास स्थान व लोकेशन बताएंगे वहां उन्हें नियमित बना हुआ खाना मिलना शुरू हो जाएगा।