गया । ब्रह्मांड से जुड़े आधारभूत प्रश्नों एवं प्रभावित करने वाले कारकों का अध्ययन करने के लिए दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय एवं अमेरिका के एनर्जी नेशनल लेबोरेटरी के बीच एक करार हुआ है। विवि के जनसंपर्क पदाधिकारी मो. मुदस्सीर आलम ने बताया कि विवि के भौतिकी विभाग के अथक प्रयासों के बाद सीयूएसबी को वैश्रि्वक विज्ञान परियोजना पर अध्ययन के लिए सहयोगी सदस्य बनने में सफलता मिली है। इस पर कुलपति प्रो. हरिशचंद्र सिंह राठौर एवं कुलसचिव कर्नल राजीव कुमार सिंह ने विभाग के अध्यक्ष प्रो. वेंकटेश सिंह एवं अन्य प्राध्यापकों की प्रशसा करते हुए उन्हें बधाई दी है। कुलपति ने कहा कि वैश्रि्वक स्तर पर ये अध्ययन काफी महत्वकांक्षी है। इससे कुछ नए और क्रांतिकारी परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। विभाग के अध्यक्ष ने कहा कि वे और उनकी टीम कई महीनों से इस करार के लिए प्रयासरत थे, उसके बाद कामयाबी मिली। इस परियोजना में हमें एस्ट्रोफिजिक्स, कास्मोलॉजी एवं पार्टिकल फिजिक्स को प्रभावित करने वाले मूलभूत कारको की ज्यादा अच्छी जानकारी मिलेगी। साथ ही हम ब्रह्मांड के छिपे रहस्यों को भी जान सकेंगे। इस परियोजना में दुनियाभर के 170 संस्थानों के 1000 से ज्यादा वैज्ञानिक एक साथ शोध करेंगे। इसमें न्यूट्रिनोस, एंटी. न्यूट्रिनोस कणों के आचरण को प्रमुखता से अध्ययन किया जाएगा।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस