कैमूर। स्वस्थ भारत केंद्र द्वारा अब जिले में शहरों के साथ गांवों में भी निशुल्क नियमित योग प्रशिक्षण शुरू किया गया। इसके अंतर्गत भभुआ के आस-पास के चार गांवों के लोगों को योग के गुर सिखाए जा रहे हैं। नियमित योग प्रशिक्षण का आयोजन कोरोना के आने वाली तीसरी लहर से गांव के लोगों को सुरक्षित रखने के दृष्टिकोण से कराया जा रहा है। नियमित योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रहे स्वस्थ भारत केंद्र के प्रमुख योग चिकित्सक प्रभाकर तिवारी ने बताया कि भारत का अधिकांशत: और महत्वपूर्ण हिस्सा आत्मा के रूप में गांवों में बसता है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों को स्वस्थ, स्वच्छ और निर्मल रखना जरूरी है। गांव निवासियों द्वारा नियमित योगाभ्यास करते रहने से उनके रोग प्रतिरोधक क्षमता और शरीर में आक्सीजन स्तर बढ़ेगा। जिससे वे सभी ग्रामीण, किसान योग साधक किसी भी अन्य तरह के संक्रमण या कोरोनावायरस के संक्रमण से बचे रहेंगे। इस तरह से बिहार प्रदेश सहित पूरे भारत देश को महामारी के आघातों से बचाया जा सकेगा। योग चिकित्सक प्रभाकर तिवारी द्वारा गांव निवासियों और कृषकों को विभिन्न योगासन, सूक्ष्म व्यायाम, प्राणायाम व स्थूल क्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया। उच्चारण स्थल एवं विशुद्धि चक्र की शुद्धि क्रिया, धृति शक्ति विकासक क्रिया, मेधा शक्ति विकासक क्रिया, भुजबल्ली शक्ति विकासक क्रिया, चालन क्रिया जैसे अनेक जरूरी एवं महत्वपूर्ण सूक्ष्म व्यायाम कराया गया। इसके बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, शशांकासन, पश्चिमोत्तानासन, पवनमुक्तासन, उष्ट्रासन, भगीरथ आसन, हस्तोतानासन , भुजंगासन, अश्व संचालन आसन सहित कई आसनों का अभ्यास कराया गया। आक्सीजन स्तर बढ़ाने के लिए प्राणायाम में अनुलोम - विलोम, नाड़ी शोधन, कपालभाति, भ्रामरी, शीतली, भास्त्रिका, सूर्यभेदन, चंद्रभेदन, जैसे अन्य प्राणायाम करवाया गया। स्वर योग के बारे में भी बताया गया। षट्कर्म के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। योग प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत वैदिक प्रार्थना वाले मंत्रों के उच्चारण और इनके महत्व को बता कर हुई। इस बात पर बल दिया गया कि आने वाली तीसरी लहर से बचे रहने के लिए नियमित योगाभ्यास करते रहते हुए महामारी से सावधान रहना है। शरीर में आक्सीजन स्तर बढ़ाने के लिए योगाभ्यास को काफी जरूरी और महत्वपूर्ण अभ्यास माना जाता है। प्रशिक्षण के सफल संचालन में विजेंदर, रवि , सोनू सहित अन्य स्वयं सेवकों ने सहयोग किया। आखिर में योग चिकित्सक प्रभाकर तिवारी ने शवासन, योग निद्रा के बाद वैदिक मंत्रोच्चार और विश्व शांति पाठ करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया।

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