टनकुप्पा (गया), संवाद सूत्र। पत्‍नी से मोबाइल पर बात करने के बाद बुधवार की सुबह साढ़े आठ बजे रेलवे कर्मी ने घर में फंदा लगाया और उससे झूल गया। बेटे के सदमे में उसकी मां ने भी जान देने का प्रयास किया। हालांकि ऐन वक्‍त पर ग्रामीणों ने देख लिया इससे उसकी जान बच गई। घटना गया जिले के टनकुप्पा प्रखंड के गिंजोय खुर्द गांव की है। मृतक स्व रामदास साव का पुत्र 33 वर्षीय शिवनाथ कुमार था। वह अहमदाबाद में रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी करता था। परिवार के लोगों ने बताया कि शिवनाथ की शादी एक साल पूर्व खगड़िया में हुई थी।पत्‍नी रोजी कुमारी खगड़‍िया में हीं नियोजित शिक्षक की नौकरी करती थी। छुट्टी या अन्‍य अवसरों पर ही ससुराल आती थी।

चार दिन पूर्व झगड़ा कर खगड़‍िया चली गई थी रोजी  

बताया गया कि चार दिन पूर्व पत्‍नी रोजी कुमारी ससुराल में विवाद कर अपने मायके खगड़िया चली गई। पत्‍नी के यूं रूठकर चले जाने की जानकारी मिलने पर दो दिन पहले शिवनाथ घर आया। मोबाइल पर कॉल कर पत्‍नी को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन वह नहीं मानी।  बुधवार सुबह शिवनाथ ने एक बार फिर मोबाइल पर कॉल कर पत्‍नी के समझाने का प्रयास किया। इस दौरान पति-पत्‍नी में क्‍या बात हुई कि शिवनाथ ने इसके बाद अपने कमरे में जाकर सिलिंग फैन में गमछा बांधकर फंदा बनाया और आत्‍महत्‍या कर ली।

बेटे को बेजान देख मां ने किया विषपान का प्रयास 

कुछ देर तक जब शिवनाथ के कमरे से आवाज नहीं आई तो घर के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। उसका कमरा खोला गया तो वह फंदे से बेजान हो लटका पड़ा था। इसके बाद घर में चीत्कार मच गया। गांव वाले लोग जुटे और शिवनाथ को फांसी के फंदे से उतारकर डॉक्‍टर के यहां ले गए। वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। शिवनाथ की मौत की घटना से व्‍यथित मां कमला देवी ने भी आत्‍महत्‍या का प्रयास किया। घर में रखा कोई कीटनाशक खाने की कोशिश की। संयोग था कि परिवार के लोगों की नजर पड़ गई। इसके बाद उन्‍हें रोका गया।घटना की जानकारी स्थानीय चैकीदार को दी गई। घटना की जानकारी पाकर फतेहपुर थाने की पुलिस ने पहुंचकर शव को पोस्‍टमार्टम के लिए मगध  मेडिकल भेज दिया। 

Edited By: Vyas Chandra