जागरण संवाददाता, सासाराम। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने गुरुवार को स्थानीय डीईओ कार्यालय का निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने शिक्षक शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान के नये भवन का भी जायजा लिया। इस दौरान प्रधान सचिव ने कहा कि प्रशिक्षण संस्थान का भवन मानक के अनुरूप नहीं बना है। पूरे कार्य की जांच के लिए मुख्य अभियंता के नेतृत्व में एक टीम बनाई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे, उनपर कार्रवाई की जाएगी।

लगभग डेढ़ बजे पहुंचे प्रधान सचिव पहले जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचे, जहां पर जहां-तहां बंडल बना रखे गए संचिकाओं को देख डीईओ समेत विभाग के अन्य अधिकारियों पर भड़क उठे तथा उन्हें जमकर फटकार लगाई। उनके साथ मौजूद डीएम धर्मेंद्र कुमार भी कार्यालय की कार्य पद्धति देख अधिकारियों को खरी खोटी सुनाई। प्रधान सचिव ने कहा कि शिक्षक शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डायट) का नया भवन अनुश्रवण के अभाव में मानक के अनुरूप नहीं बना है। जिसकी जांच मुख्य अभियंता के नेतृत्व में एक टीम बनाकर कराई जाएगी। जिसमें जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे उनपर कार्रवाई होगी। चार दिन पूर्व कोचिंग संस्थान को बंद कराने को लेकर असामाजिक तत्वों व छात्रों द्वारा शहर में की गई तोड़-फोड़ व आगजनी के मामले में उन्होंने कहा कि इस संबंध में डीएम से विस्तार से चर्चा हुई है। उनके द्वारा बगैर निबंधन के संचालित हो रहे कोचिंग संस्थानों के विरूद्ध की गई कार्रवाई संतोषजनक है। स्कूलों में मास्क उपलब्धता पर उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी मास्क का उपयोग है, जिससे कि कोरोना महामारी के फैलने से रोका जा सके। इसके प्रति अभिभावकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने बच्चों को मास्क पहनाकर ही बाहर निकलने की आदत डालें। निरीक्षण के वक्त डीईओ संजीव कुमार, डीपीओ लेखा-योजना सह प्रशिक्षण संस्थान के प्रभारी प्राचार्य मानवेंद्र कुमार राय, डीपीओ समग्र शिक्षा राघवेंद्र प्रताप सिंह, सदर एसडीएम मनोज कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

एक दिन पहले ही शिक्षकों को लग गई थी बड़े साहब के आने की भनक

प्रधान सचिव के आने की भनक शिक्षकों को एक दिन पहले लग गई थी। वे अपने वाहट्सप ग्रुप में मैसेज कर सभी शिक्षकों को इसकी सूचना समय से अपने विद्यालय में उपस्थित रहने की सलाह दे चुके थे। हालांकि प्रधान सचिव का पूर्व से विद्यालय भ्रमण का कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं था। फिर भी शिक्षक अपने से अलर्ट रहे कि कहीं बड़े साहब की नजर स्कूल की ओर न हो जाए। सबसे बड़ा सवाल यह कि प्रधान सचिव के भ्रमण संबंधी पत्र इंटरनेट मीडिया पर कैसे वायरल हुई, यह चर्चा का विषय आज पूरे दिन बना रहा। आला अधिकारी के पत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने की बात पहली बार नहीं है। पहले भी चले राज्य व्यापी निरीक्षण अभियान सूचना सबसे पहले शिक्षकों को मिल चुकी है।

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