अधौरा (कैमूर), संवाद सूत्र। थाना क्षेत्र के एक गांव की 10 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में राजनीति तेज हो गई है। पीड़ित परिवार से राजनीतिक दल के नेताओं व कार्यकर्ताओं का दूसरे दिन सोमवार को मिलना जारी रहा। बिहार प्रदेश राजद की प्रवक्ता रितु जायसवाल के नेतृत्व में राजद की टीम ने पीड़ित परिवार के घर पहुंच कर बच्ची के पिता और माता से मुलाकात की। उन्‍हें सांत्‍वना दी और हत्या के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि इतनी छोटी उम्र की लड़की की आखिर किस कारण हत्या कर दी गई। निसंदेह बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ होगा। हत्‍या के पांच दिन बाद भी पुलिस मामले में कोई सफलता हासिल नहीं कर सकी है। 

क्षेत्र का होने के बावजूद नहीं पहुंचे स्‍थानीय विधायक सह मंत्री 

रितू जायसवाल ने कहा कि निर्मम हत्‍या की इस घटना के बाद भी बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री सह स्थानीय विधायक आज तक पीड़ित परिवार के घर पहुंचना मुनासिब नहीं समझे। यह संवेदनहीनता की हद है। लेकिन पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए राजद कार्यकर्ता कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। पीड़ित परिवार को मुआवजे के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। उधर चैनपुर विधानसभा के पूर्व विधायक सह मंत्री ने पीड़ित परिवार के घर पहुंच कर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और हत्या के कारणों का खुलासा जल्द कराने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रयास करने की बात कही। 

खोजी कुत्‍ते को भी नहीं मिल सका कोई सुराग 

बता दें कि मामले में पुलिस को अब तक काई सुराग नहीं मिल सका है। अनुसंधान के क्रम में सोमवार को खोजी कुत्ते का भी सहारा लिया गया। उसके सहारे घटनास्थल व उसके आसपास छानबीन की गई। लेकिन कुछ सुराग नहीं मिला। पुलिस निरीक्षक मनोज ने बताया कि स्वानदस्ते को भी कोई सुराग नहीं मिला। 

पांच दिन पूर्व मिला था बच्‍ची का शव 

बता दें कि गुरुवार को आदिवासी आवासीय विद्यालय के परिसर के पास नाली से बच्‍ची का शव बरामद किया गया था। उस मामले में आवासीय विद्यालय में कार्य करने वाले मैदानी इलाके से आए तीन कामगारों को भी हिरासत में लिया गया। बच्‍ची के शरीर पर कई जगह गर्म लोहे से दागे जाने का चिह्न था। बालिका का घर आवासीय विद्यालय के आसपास है। वह अपना मोबाइल चार्ज करने के लिए आए दिन विद्यालय में जाती थी। जब बुधवार की शाम ढ़लने के बाद बच्ची घर पर नहीं लौटी तो पिता अपने बच्चों और अन्य पड़ोसियों को साथ लेकर खोजबीन करने लगे। लेकिन बच्ची का कहीं पता नहीं चला। थक-हार कर सो गए। सुबह पुनः तलाश के लिए उक्त विद्यालय के कैंपस में शिक्षकों के पास गए और निराश होकर लौट आए। खोजबीन के दौरान किसी ग्रामीण ने बालिका के शव को भवन के पीछे नाली में देखा तो परिजनों को बताया। 

 

Edited By: Vyas Chandra