जासं, नवादा । स्थानीय निकाय प्राधिकार कोटे से विधान परिषद चुनाव के लिए जिले में गहमागहमी बढ़ गई है। राजनीति दलों के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा पहले चरण में मतदाता सूची बनाने का काम किया जा रहा है। जन प्रतिनिधियों से निर्वाचन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और फोटो की मांग की गई है। कुछ प्रखंडों के बीडीओ व पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा मतदता सूची तैयार कर रिपोर्ट जिला निर्वाचन कार्यालय को भेज दिया गया है।

कौन-कौन होंगे मतदाता

त्रिस्तरीय पंचायत राज के निर्वाचित सभी प्रतिनिधि यानि वार्ड सदस्य, पंचायत समिति, मुखिया और जिला पार्षद इस चुनाव के मतदाता होते हैं। इसके अलावा शहरी निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि, विधायक व सांसद भी मतदाता होते हैं। पूर्व के चुनावों की भांति इस चुनाव में भी पंच-सरपंच को मतदान का अधिकार नहीं दिया गया है।

करीब 2900 मतदाता डालेंगे वोट

हाल ही में पंचायत निर्वाचन संपन्न हुआ है। इस बार जिले में करीब 2900 मतदाता चुनाव में वोटर होंगे। अबतक की जो स्थिति है उसमें एक सांसद, पांच विधायक, 25 जिला परिषद सदस्य, 182 मुखिया, 250 पंचायत समिति सदस्य और 2412 वार्ड सदस्य मतदाता होंगे। यह आंकड़ा 2875 तक पहुंचता है।

नगर निकायों के प्रतिनिधियों को लेकर संशय

इस बार के चुनाव में नगर निकायों के वार्ड पार्षद मतदाता होंगे या नहीं इसपर स्थिति साफ नहीं है। जिले के सभी तीन नगर निकायों को भंग कर दिया गया है। नवादा नगर परिषद का क्षेत्र विस्तारीकरण हुआ था। वारिसलीगंज व हिसुआ नगर पंचायत को उत्क्रमित कर नगर परिषद बनाया गया है। तीनों निकायों के बोर्ड को भंग कर दिया गया है। ऐसे में तीनों शहरी क्षेत्रों के अबतक के प्रतिनिधि वोटर होंगे या नहीं इसपर राज्य निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन की मांग की गई है। उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीनिवास ने बताया कि मार्गदर्शन मिलने के उपरांत ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिले के तीनों शहरी निकायों में 70 मतदाता होते हैं। नवादा में 33, हिसुआ में 17 व वारिसलीगंज में 20 वोटर हैं। निर्वाचन आयोग से नाम जोड़ने की अनुमति मिलती है तो मतदाताओं की संख्या बढ़कर 2945 हो जाएगी।

सलमान रागीव फिर होंगे प्रत्याशी

यह चुनाव भी दलीय आकार ले चुका है। प्राय: राजनीति दलों के द्वारा उम्मीदवार दिए जाते हैं। उसी आधार पर उम्मीदवारों के पक्ष में वोटरों की गोलबंदी होती है। नवादा में 2003 से लेकर अबतक के तीन चुनावों में सलमान रागीव जीतते आए हैं। 2003 में पहली बार निर्दलीय और फिर 2009 व 2015 में जदयू उम्मीदवार के रूप में मैदान मारने में सफल रहे थे। चौथी पारी खेलने को तैयार हैं। पार्टी की ओर से उम्मीदवारी पर कोई संशय नहीं है। हालांकि, ऐसी चर्चा थी कि स्वास्थ्य कारणों से चुनाव मैदान से खुद ही हट सकते हैं। लेकिन, ऐसी चर्चाओं को उन्होंने अफवाह बताया।

राजद की ओर से स्थिति साफ नहीं

प्रमुख दल राजद की ओर से स्थिति अबतक साफ नहीं हो सकी है। कई प्रत्याशियों की दावेदारी है। जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव, पूर्व मंत्री राजबल्लभ प्रसाद के भाई बिनोद यादव व भतीजा जिला पार्षद अशोक यादव रेस में बने हुए हैं। पिछले चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी रहे श्रवण कुशवाहा भी राजद की ओर नजर लगाए हैं। स्थिति साफ होने में कुछ वक्त लगेगा। कांग्रेस के कई स्थानीय नेता भी इस रेस में बने हुए हैं।

Edited By: Rahul Kumar