गया, जागरण संवाददाता। पितृपक्ष में कर्मकांड और पितरों को मोक्ष दिलाने को गयाजी में लगातार पिंडदानियों की संख्या बढ़ रही है। विष्णुपद मंदिर और देवघाट पर पिंडदानियों की संख्या अधिक दिख रही है। लगातार बढ़ रही संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन चौकस और अलर्ट है। पितृपक्ष में कोई अप्रिय घटना नहीं हो। इसे लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा शुक्रवार को विशेष जांच अभियान चलाया गया। विशेषकर संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। साथ हीं संदिग्ध के पास कोई आपतिजनक समान नहीं हो। इसे लेकर जांच पड़ताल शुरु की गई है।

अलग-अलग टीम में पुलिस पदाधिकारी मेटल डिटेक्टर मशीन लेकर विष्णुपद मंदिर परिसर में प्रवेश किया। पुलिस पदाधिकारी प्रवेश द्वार से जांच पड़ताल शुरु की। मंदिर में  कोना-कोना छान मारा गया। तीर्थयात्रियों के बैग, थैला, झोला सहित समानों की जांच की। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस पदाधिकारी को अंदेशा था कि कहीं पिंडदानी के वेश में संदिग्धों द्वारा कोई आपतिजनक समान मंदिर परिसर में नहीं रखा गया है। कई घंटों तक जांच-पड़ताल के बाद पुलिस पदाधिकारी विष्णुपद मंदिर परिसर से निकले। यहां से निकलने के बाद पुलिस पदाधिकारी की अलग-अलग मेडल डिटेक्टर मशीन को लेकर फल्गु नदी के तट देवघाट पहुंचे। जहां कर्मकांड कर रहे पिंडदानियों के समानों की जांच की गई। साथ हीं बालू के  रेत को मशीन के माध्यम से जांच पड़ताल हुई। दिन भर चले जांच पड़ताल में कोई आपतिजनक सामान पुलिस पदाधिकारी को नहीं मिला है, फिर भी पुलिस अलर्ट और चौकस है। जानकारी हो कि पितृपक्ष के चार दिन गुजर गए हैं। अभी 13 दिन शेष रह गए हैं। इसलिए पूरे एक पखवारा तक जांच -पड़ताल किया जाएगा।

इतना हीं नहीं पितृपक्ष प्रारंभ होने के दिन से हीं अश्वधारी जवानों द्वारा देवघाट पर प्रत्येक दिन अल सुबह से लेकर शाम तक फल्गु नदी में गश्ती कर रहे हैं। ताकि कोई भी संदिग्ध या फिर बदमाश के कारण पिंडदानियों को कोई परेशानी ना हो। समय-समय पर प्रत्येक दिन शाम को विष्णुपद मंदिर और देवघाट के सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाती है।

 

Edited By: Sumita Jaiswal