गया : सनातन धर्म में पेड़-पौधों का काफी महत्व है। कई पेड़ों में देवताओं का वास बताकर पूजा की जाती है। इसका तात्पर्य कहीं न कहीं पर्यावरण संरक्षण से ही है। पीपल, नीम, आंवला, बरगद व तुलसी के पौधे हमें आक्सीजन के साथ साथ औषधि भी प्रदान करते हैं। हम पेड़-पौधों को परोपकारी कहें तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। क्योंकि ये हमारे जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उक्त बातें शनिवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी डा. अरुण कुमार व अंचलाधिकारी मनोज दुबे ने दैनिक जागरण के आओ रोपें अच्छे पौधे कार्यक्रम के तहत पौधारोपण के पश्चात कही। अधिकारी द्वय ने कहा कि जहां पेड़ वहां बारिश की कहावत भी सच होती है। पर्यावरण संरक्षण सभी जीवों के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है। आज के दौर में समस्त विश्व में पेड़-पौधों कम हो गए है जिससे अनेक प्रकार के खतरे हो रहे है। वायुमंडल तक दूषित हो गया है। इसका प्रभाव धरती पर रहने वाले सभी जीवों पर पड़ रहा है। मनुष्य अपने फायदे के लिए प्राकृतिक संसाधनों को नष्ट करने पर तुला हुआ है। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि हमें प्राकृतिक आपदाओं यथा चक्रवात व बाढ़ से बचना है तो सभी को अधिक से अधिक पौधे लगाकर उसका संरक्षण करना होगा। ताकि पौधा पेड़ का आकार ले सके। जो व्यक्ति अपने निजी जमीन पर पौधा लगाना चाहते है, उनको भी पौधा उपलब्ध करवाया जाएगा। इस मौके पर भाजपा नेता चक्रपाणि शर्मा, प्रखंड महामंत्री मंटू सिंह, किसान मोर्चा अध्यक्ष पिटू सिंह , विपुल कुमार एवं अन्य लोग मौजूद थे।

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