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पितृपक्ष मेला 2026: गया में नहीं आएगी कचरे की बदबू, निगम करेगा इत्र का छिड़काव; वाटर ATM से मिलेगा ठंडा पानी

Published: Sat, 12 Sep 2026 05:20 PM (IST)

गया नगर निगम ने मेयर वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में पितृपक्ष मेला की तैयारियों की समीक्षा की, जिसमें साफ-सफाई, रोशनी और पेयजल पर विशेष जोर दिया गया।

नगर निगम करेगा का इत्र छिड़काव (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

नगर निगम करेगा का इत्र छिड़काव (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. साफ-सफाई, रोशनी और पेयजल व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया।

  2. कचरे की बदबू रोकने को इत्र का छिड़काव किया जाएगा।

  3. तीर्थयात्रियों के लिए सोलर वाटर एटीएम लगाने का निर्णय लिया।

जागरण संवाददाता, गयाजी। नगर निगम के सभागार में शनिवार को मेयर वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में सशक्त स्थायी समिति की बैठक हुई। बैठक में पितृपक्ष मेला को लेकर नगर निगम की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस दौरान मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, रोशनी और पेयजल की बेहतर व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। 

मेयर ने कहा कि पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान देश-विदेश से लाखों तीर्थयात्री और पिंडदानी गयाजी पहुंचेंगे। ऐसे में तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए नगर निगम पूरी तरह तैयार रहेगा। 

सफाई पर विशेष नजर रखी जाएगी

सनातन धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है और गयाजी की पहचान भी पितृपक्ष से जुड़ी है। मेला क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से सफाई कराई जाएगी। मेला क्षेत्र में हर समय सफाई पर विशेष नजर रखी जाएगी, ताकि तीर्थयात्रियों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। 

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बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त डा. गगन, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, विनोद कुमार यादव, मनोज कुमार, सारिका कुमारी, उपेंद्र कुमार सिंह, चुन्नू खान सहित अन्य मौजूद थे।

सात टीमें संभालेंगी रोशनी की व्यवस्था

मेले के दौरान रोशनी की व्यवस्था को लेकर सात टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें मेला क्षेत्र में खराब पड़े स्ट्रीट लाइट, तिरंगा लाइट और रोपवे लाइन को दुरुस्त करने का काम करेंगी। जरूरत पड़ने पर नए लाइट भी लगाए जाएंगे। नगर निगम का प्रयास है कि मेला क्षेत्र रात में भी पूरी तरह रोशन रहे, ताकि तीर्थयात्रियों को आने-जाने में परेशानी न हो। मेयर ने कहा कि सफाई, रोशनी और पेयजल मेला क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं हैं और इनमें किसी तरह की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कचरे पर होगा इत्र का छिड़काव

पितृपक्ष मेले के दौरान निकलने वाले कचरे से बदबू नहीं आए, इसके लिए नगर निगम कचरे पर इत्र का छिड़काव करेगा। मेयर ने कहा कि मेला क्षेत्र से निकलने वाले कचरे को पूरी तरह ढककर रखा जाएगा। इसके साथ ही नियमित रूप से कचरे का उठाव कराया जाएगा, ताकि तीर्थयात्रियों को दुर्गंध की समस्या नहीं हो।

उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में सफाईकर्मियों की ड्रेस भी निर्धारित होगी। सफाईकर्मी ड्रेस कोड में ही काम करेंगे। सफाई व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। 

नगर निगम के अधिकारी प्रतिदिन मेला क्षेत्र का जायजा लेंगे और व्यवस्था की निगरानी करेंगे। किसी भी स्तर पर काम में कोताही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

वाटर एटीएम की खरीदारी में देरी पर भड़के

पितृपक्ष मेला क्षेत्र में तीर्थयात्रियों को शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सोलर वाटर एटीएम लगाने का निर्णय लिया गया था। बैठक में इसकी खरीदारी अब तक नहीं होने पर सशक्त स्थायी समिति सदस्य अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने संबंधित कार्यालय अभियंता और सहायक अभियंता पर नाराजगी जताई। 

उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे समय में जरूरी उपकरणों की खरीदारी में देरी गंभीर लापरवाही है। दोनों पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया। बैठक में कहा कि मेला शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

170 ठेले और 15 सौ डस्टबिन की होगी खरीदारी

शहर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नगर निगम कई उपकरणों की खरीदारी करेगा। बैठक में 170 ठेले खरीदने का निर्णय लिया गया। इन ठेलों को वार्डों में सफाई कार्य के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। 

इसके अलावा 15 सौ डस्टबिन, सात हाईपर मशीन और दो जेसीबी मशीन खरीदने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम का मानना है कि अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होने से सफाई व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

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