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कंधे पर सितारा सजा तो बेटा बन गया लेफ्टिनेंट, गया में खुशी से छलकीं मां-बाप की आंखें; चरणों में झुका अफसर

Published: Sat, 05 Sep 2026 04:23 PM (GMT+05:30)

OTA Gaya Passing Out गया ओटीए में जेंटलमैन कैडेट्स के लिए पिपिंग सेरेमनी आयोजित की गई, जहाँ उनके कंधों पर ...और पढ़ें

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HighLights

  1. गया ओटीए में जेंटलमैन कैडेट्स का पिपिंग समारोह आयोजित।

  2. माता-पिता ने अपने हाथों से लगाए लेफ्टिनेंट के सितारे।

  3. नए अधिकारियों ने राष्ट्रसेवा की शपथ ली, माता-पिता के चरण छुए।

जागरण संवाददाता, गयाजी।OTA Gaya Passing Out गया अफसर प्रशिक्षण अकादमी (ओटीए) में शनिवार का दिन जेंटलमैन कैडेट्स और उनके स्वजनों के लिए जिंदगी भर याद रहने वाला बन गया। देश के अलग-अलग राज्यों से आए माता-पिता और स्वजन अपने लाल के उस ऐतिहासिक पल के गवाह बने, जिसका इंतजार उन्होंने महीनों नहीं, वर्षों तक किया था। आकर्षक परेड के बाद शुरू हुआ पिपिंग समारोह जैसे ही अपने चरम पर पहुंचा, पूरा परिसर गर्व और भावनाओं से भर उठा।

बिगुल की सटीक धुन के बीच जेंटलमैन कैडेट्स के कंधों पर सितारे सजाए गए। ये सितारे किसी अधिकारी ने नहीं, बल्कि उनके अपने माता-पिता, दादा-दादी, भाई-बहन और मामा जैसे स्वजनों ने लगाए।

कंधे पर सितारा लगते ही प्रशिक्षण की पहचान पीछे छूट गई और वे भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट अधिकारी बन गए। चेहरों पर चमकती मुस्कान बता रही थी कि वर्षों की मेहनत और कठिन प्रशिक्षण आखिरकार मंजिल तक पहुंच गया।

कंधे पर सितारा, आंखों में आंसू... खुशी के इस पल ने सबको भावुक कर दिया

जिस पल बेटे-बेटियों के कंधों पर सितारे सजे, उसी पल कई माता-पिता की आंखें छलक उठीं। ये आंसू दर्द के नहीं, बल्कि गर्व और खुशी के थे।

जिन बच्चों को कभी उंगली पकड़कर चलना सिखाया था, आज वही देश की सेना में अधिकारी बनकर राष्ट्रसेवा के लिए तैयार खड़े थे। माता-पिता और स्वजनों ने इस गौरवपूर्ण पल को मोबाइल कैमरों में कैद किया।

कई स्वजनों ने नए अफसर बने बेटे-बेटियों के माथे और गाल को चूमकर अपनी खुशी जताई। भावनाओं से भरे इन पलों ने समारोह को और खास बना दिया। हर चेहरे पर गर्व था और हर आंख में अपने लाल के अफसर बनने की खुशी साफ नजर आ रही थी।

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सितारे लगे तो पहले मां-बाप के चरणों में झुके अफसर

पिपिंग के बाद सबसे भावुक दृश्य तब दिखा, जब नए सैन्य अधिकारियों ने भारतीय परंपरा और संस्कार का निर्वहन करते हुए अपने माता-पिता के चरण स्पर्श किए।

अफसर की वर्दी में सजे बेटे-बेटियों को अपने सामने झुका देखकर स्वजन भावुक हो उठे और उन्हें आशीर्वाद दिया। समारोह में मौजूद लोगों ने इस यादगार पल को कैमरों में कैद किया।

यह दृश्य सिर्फ एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कार और सैन्य परंपरा का अद्भुत संगम था। कंधे पर चमकते सितारे जिम्मेदारी का प्रतीक थे, जबकि माता-पिता के चरणों में झुकता सिर संस्कारों की गहराई बयां कर रहा था।

शपथ के साथ शुरू हुई राष्ट्रसेवा की नई पारी

अकादमी एडजुटेंट लेफ्टिनेंट कर्नल प्रखर धागट ने नव कमीशन प्राप्त अधिकारियों को राष्ट्रसेवा और सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई।

शपथ के साथ ही कैडेट्स ने भारतीय सेना के भावी नेताओं के रूप में अपनी नई भूमिका स्वीकार की। उनके चेहरे पर आत्मविश्वास था और कदमों में भविष्य की जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प।

महीनों के कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन और अथक मेहनत के बाद मिला यह सितारा उनके सैन्य जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक बना। शनिवार को गया ओटीए में सिर्फ कैडेट्स के कंधों पर सितारे नहीं सजे, बल्कि उनके परिवारों के वर्षों के सपनों को भी नई पहचान मिली।

मां-बाप के सपने से सेना की वर्दी तक पहुंची कहानी

पिपिंग समारोह ने यह भी दिखाया कि एक सैन्य अधिकारी सिर्फ अपने दम पर नहीं बनता। उसके पीछे परिवार का त्याग, माता-पिता की उम्मीदें और वर्षों की तपस्या भी होती है।

शनिवार को जब स्वजनों ने अपने हाथों से कंधों पर सितारे लगाए, तो वह क्षण कैडेट और परिवार दोनों की साझा उपलब्धि बन गया।

नए अफसरों ने सिर ऊंचा कर सम्मान और कर्तव्य के जीवन में पहला कदम रखा। कंधों पर सितारे चमक रहे थे और आंखों में देश के लिए कुछ कर गुजरने का संकल्प था।

गया ओटीए का यह पिपिंग समारोह स्वजनों की आंखों के खुशी के आंसुओं और नए अफसरों की मुस्कान के साथ यादगार बन गया।