नवादा, जागरण संवाददाता। मगध विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई एसएन सिन्हा कालेज, वारिसलीगंज द्वारा शनिवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक दिवसीय योग जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई। वर्चुअल संगोष्ठी में मुख्य अतिथि मगध विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्यवक सह मुख्य वक्ता डा.अंजनी कुमार घोष ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। अपने संबोधन में डा. घोष ने योग की महत्ता पर जोर दिया। कहा कि योग की कोई परिधि नहीं होती। योग से ही मानव समाज के समस्याओं का हल निकाला जा सकता है। योग बदलती परिस्थितियों में सहायक हो सकता है। योग मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है, तथा यह मस्तिष्क और मानव शरीर की एकता तथा ऊर्जा का प्रतीक है। योग कला और विज्ञान का संगम है।

स्वागत सत्र में संगोष्ठी के संरक्षक एसएन सिन्हा कालेज के प्राचार्य डा.सतीश ¨सह चंद्र ने संगोष्ठी में शामिल सभी लोगों तथा विद्वानों का वारिसलीगंज महाविद्यालय की ओर से हार्दिक स्वागत किया। अपने स्वागत वक्तव्य में उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा की धरोहर है। योग भारत का आध्यात्मिक ¨चतन रहा है।योग विचार, संयम और फुर्ती देने वाला है। योग से मानव शरीर के विकार को दूर किया जा सकता है, साथ ही योग मानव के दिलो-दिमाग में सकारात्मक सोच पैदा करती है। संक्रमण काल को देखते हुए इस बात जोर दिया कि हम घर पर रहें, योग के साथ रहें । महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ श्यामसुंदर प्रसाद ¨सह ने योग के विभिन्न पहलुओं पर नई जानकारी दी तथा योग के विभिन्न आसनों के बारे में बताया। संगोष्ठी का संचालन नैक समन्वयक प्रो.अशोक राम ने किया। प्रो.मनीष कुमार तथा प्रो. एच.एन.चौधरी ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रश्नकाल के दो विद्वान प्रोफेसर डॉ. मनीष भारद्वाज तथा डॉ.आलोक कुमार ने छात्रों के सवालों पर अपनी विस्तृत और बेहतर जानकारी दी। जिससे सभी श्रोता लाभान्वित हुए। आयोजन में डॉ. नरेंद्र कुमार, प्रोफेसर अमित कुमार सहित दर्जनों छात्र-छत्राओं ने भाग लिया।