अंबा (औरंगाबाद), संवाद सूत्र।  पंचायती राज से जुड़े विकास योजनाओं का क्रियान्वयन अब बीपीआरओ की देखरेख में कराया जाएगा। पंचायती राज विभाग (Panchayati Raj Department) द्वारा अधिसूचना जारी कर प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी का पदस्थापन किया गया है। नए पदस्थापित अधिकारी पंचायत राज पदाधिकारी के साथ-साथ पंचायत समिति के कार्यपालक पदाधिकारी भी होंगे। जिले में 11 प्रखंडों में विकास योजनाओं की देखरेख करने को ले पांच पंचायती राज पदाधिकारी पदस्थापित किए गए हैं।

विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार औरंगाबाद प्रखंड में कृष्ण नंदन पंडित को पंचायती राज पदाधिकारी बनाया गया है जो औरंगाबाद के अलावे मदनपुर प्रखंड के अतिरिक्त प्रभार में कार्य देखेंगे। इसी तरह मनोज कुमार साव को दाउदनगर का बीपीआरओ बनाया गया है, जो बारुण एवं ओबरा प्रखंड के अतिरिक्त प्रभार में होंगे। हरेंद्र कुमार चौधरी कुटुंबा प्रखंड के बीपीआरओ बनाए गए हैं। श्री चौधरी को कुटुंबा के साथ देव एवं नवीनगर प्रखंड का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। गौरी शंकर गोह प्रखंड के बीपीआरओ बनाए गए हैं। शंकर को गोह के अलावा हसपुरा एवं रफीगंज प्रखंड का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उल्लेखनीय है कि अब तक पंचायत एवं प्रखंड स्तर से विकास योजनाओं का क्रियान्वयन बीडीओ की देखरेख में किया जाता था। सरकार के नये नियमावली लागू होने से अब पंचायती राज विभाग से जुड़े सभी योजनाओं की देखरेख बीपीआरओ के जिम्मे होगा। पंचायत के सभी विकास योजना पर उनका सिक्का चलेगा।

सलैया से हटाकर देव के कंचनपुर भेजे गए एसटीएफ के जवान

उधर, औरंगाबाद के सलैया थाना क्षेत्र के सलैया में स्थित एसटीएफ के कैंप से सुरक्षाबलों को हटा लिया गया है। 23 अगस्त को यहां से एसटीएफ के सुरक्षाबलों को देव के कंचनपुर में स्थित नव निर्मित कौशल विकास के भवन में तैनात किया गया है। यहां थाना का भवन का भी निर्माण कराया जा रहा है। एसपी कांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि सलैया कैंप में दूसरे बल को तैनात किया जा रहा है। सुरक्षा के लिहाज से सलैया से एसटीएफ को कंचनपुर में तैनात किया गया है। बता दें कि कंचनपुर में विशेष केंद्रीय सहायता योजना से कौशल विकास का भवन बनाया गया है। यहां सुरक्षाबल की तैनाती नहीं होने से यह आंशका थी की नक्सली नव निर्मित भवन को पंचायत चुनाव के दौरान उड़ा सकते थे। इस जिले के नक्सल प्रभावित देव एवं मदनपुर थाना क्षेत्र में पूर्व में नक्सली कई विद्यालय भवन के अलावा अन्य सरकारी भवन को उड़ा देने की घटना को अंजाम दे चुके हैं।

 

Edited By: Sumita Jaiswal