सासाराम (रोहतास), जागरण संवाददाता। सदर अस्पताल को मिले सात वेंटिलेटर (Seven Ventilators) अब तक बेकाम ही पड़े हैं। अभी तक इनका उपयोग शुरू नहीं हो सका है। इसके लिए जिला स्वास्थ्य समिति (District Health Society) ने चिकित्सकों व वेंटिलेटर टेक्नीशियनों (Doctors and Technicians) के नियोजन के लिए आवेदन भी मांगा लेकिन कोई न तो चिकित्सक मिले न टेक्नीशियन ने ही नियोजन में रुचि ली। अब इन वेंटिलेटरों को एक निजी अस्पताल को देने की तैयारी जिला प्रशासन ने शुरू की है। महामारी से लड़ने के लिए डीएम धर्मेंद्र कुमार ने जल्द इसका संचालन किसी भी तरह  शुरू करने का निर्देश दिया है। अस्पताल में वेंटिलेटर के चालू न होने से गंभीर रोगियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। रोगियों को एनएमसीएच पटना  रेफर कर दिया जा रहा है।

जिस अस्‍पताल को देंगे उनके पास भी संसाधन नहीं 

जिस निजी अस्पताल को वेंटिलेटर शुरू करना है उसके पास भी अभी तक पर्याप्त डॉक्टर की टीम उपलब्ध  हो पाई है न टेक्नीशियन ही उपलब्ध है। बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने इनकी उपलब्धता इंस्टालेशन तक सुनिश्चित कराने की बात कह सशर्त सात वेंटीलेटर को निजी अस्पताल को देने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों  का कहना है की इस महीने के अंत तक संभवतः वेंटिलेटर सेवा शुरू कर दी जाएगी। 

पिछले वर्ष दिए गए थे सात वेंटिलेटर  

बता दें की गत वर्ष पीएम केयर फंड से  सदर अस्पताल को सात वेंटिलेटर  उपलब्ध कराए गए थे। लेकिन उन्‍हें चलाने के लिए टेक्नीशियन व डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं होने से इसे आजतक चालू नहीं किया जा सका है। इस वजह से कोरोना काल में सदर अस्पताल पहुंचने वाले गंभीर मरीजों को मज़बूरी में डाक्टरों द्वारा अन्यत्र रेफर करना पड़ता है। कभी कभी तो कई मरीज ऐसे होते हैं जिनकी स्थिति काफी गंभीर होती है। ऐसे में उन्हें तत्काल वेंटिलेटर की आवश्यकता  है। लेकिन अस्पताल में सुविधा उपलब्ध नहीं होने से वो दम तोड़ देते हैं। 

सशर्त निजी अस्‍पताल को सौंपेंगे वेंटिलेटर   

एसीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि अस्पताल में वेंटिलेटर को शुरू करने के लिए डीएम के निर्देश पर एक निजी अस्पताल से सहयोग मांगा गया है। अस्पताल प्रबंधन को वेंटीलेटर के लिए योग्य चिकित्सक व टेक्नीशियन की सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। सूची मिलते ही वेंटीलेटर उन्हे सशर्त दे दिया जाएगा। अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलिडर मौजूद हैं। अनुमंडल अस्पतालों में जल्द ही ऑक्सीजन प्लांट लगाने की भी योजना है।