संवाद सहयोगी, नवादा। नाबालिग का अगवा कर हत्या किए जाने के मामले में सभी दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया। मृतक के स्वजनों ने समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शन किया। बताया जाता है कि जिले के हिसुआ थाना क्षेत्र के ढेवरी गांव में अजीत चौरसिया के पुत्र मनखुश कुमार को अगवा कर हत्या कर दिया गया था। 11 जून को बालक के पिता ने अगवा किए जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके दो दिन बाद आरोपित नीतीश कुमार को गिरफ्तार किया गया था। जिसने गला दबाकर हत्या की बात स्वीकार करते हुए बताया था कि गेहूं के ड्रम में शव को छिपा कर रखा गया है। जिसके बाद पुलिस ने शव को बरामद की थी।

गिरफ्तारी के बाद आरोपित ने अपने तीन अन्य सहयोगियों का नाम लिया था। इस क्रम में उसने पुलिस को बताया था कि बालक को अगवा करने के बाद दस लाख रुपये फिरौती मांगने का प्लान बनाया गया था। लेकिन बालक काफी रो रहा था। जिसके चलते उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। स्वजनों का कहना था कि गिरफ्तार नीतीश ने पुलिस के समक्ष अपने स्वीकारोक्ति बयान में तीन अन्य साथियों का नाम उजागर किया था। लेकिन पुलिस उन तीनों को बचा रही है। तीनों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका।

कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान स्वजनों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। इसकी जानकारी मिलते ही सदर एसडीएम उमेश कुमार भारती, एसडीपीओ उपेंद्र प्रसाद, बीडीओ अंजनी कुमार, सीओ शिवशंकर राय पुलिस बल के साथ वहां पहुंच गए। अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। स्‍वजनों को कहना है कि अगर पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी में कोताही बरती तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्‍य होंगे। यदि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने मुलाकात करने के लिए समय दिया तो वे जनता दरबार में गुहार लगाएंगे।

Edited By: Prashant Kumar