बोधगया पहुंचे मध्यप्रदेश के CM मोहन यादव, सपरिवार किया पितरों का तर्पण; कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपरिवार बोधगया के आदि शंकराचार्य मठ में पूजा-अर्चना की और निरंजना नदी तट ...और पढ़ें

निरंजना नदी तट पर सपरिवार तर्पण करते मध्यप्रदेश के सीएम डाॅ. मोहन यादव। जागरण
HighLights
सीएम मोहन यादव ने बोधगया मठ में की पूजा-अर्चना।
निरंजना नदी तट पर सपरिवार किया पितरों का तर्पण।
धार्मिक पर्यटन और सनातन परंपरा के महत्व पर बल दिया।
संवाद सूत्र, बोधगया (गया)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को सपरिवार बोधगया स्थित आदि शंकराचार्य मठ पहुंचे।
यहां उन्होंने देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की और निरंजना नदी के तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण किया।
मठ पहुंचने पर महंत त्रिवेणी गिरी, स्वामी विवेकानंद गिरी और मनोज पाठक ने पुष्प अर्पित कर एवं माला पहनाकर उनका स्वागत किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने मठ स्थित वैराही देवी, अपनी कुलदेवी मां अन्नपूर्णा, जगद्गुरु और ठाकुरवाड़ी में पूजा-अर्चना की। फिर परिवार के साथ निरंजना नदी के तट पर पहुंचकर विधि-विधान से पितरों का तर्पण किया।
सनातन परंपरा में पितरों का विशेष महत्व
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म में पितरों का विशेष महत्व है। बोधगया बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए भी विश्वस्तरीय आस्था का केंद्र है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार बौद्ध धर्म को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उज्जैन में महाकाल महालोक के विकास के बाद धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है।
बनारस, उज्जैन और सोमनाथ जैसे तीर्थस्थलों में भी धार्मिक पर्यटन को लेकर सकारात्मक वातावरण बना है। सरकार तीर्थस्थलों पर बेहतर प्रबंधन, सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री ने बिहार से अपने पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार से उनका रिश्ता हजारों वर्ष पुराना है। बोधगया जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की समृद्ध विरासत को दर्शाते हैं।
श्रद्धालुओं के आगमन से बढ़ता है मठ-मंदिरों का महत्व
आदि शंकराचार्य मठ में आए बदलाव से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मठ और मंदिर देवस्थल हैं, जिनका वास्तविक महत्व श्रद्धालुओं के आगमन से बढ़ता है।
ये स्थल श्रद्धालुओं के लिए ही हैं। निरंजना नदी के तट पर स्थित मठ में पूजा-अर्चना और पूर्वजों का तर्पण करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने मठ की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
राजनीतिक सवालों पर कांग्रेस और राहुल गांधी को घेरा
राजनीतिक सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता किसी पार्टी को पांच वर्षों के लिए जनादेश देती है।
ऐसे में विपक्ष को संगठन मजबूत करने और यह आत्ममंथन करने की जरूरत है कि जनता उससे दूर क्यों हो रही है।उन्होंने राहुल गांधी और उनके सहयोगियों की राजनीतिक रणनीति की आलोचना की।
कहा कि विपक्ष को केवल विरोध करने के बजाय अपनी कमियों का आकलन करना चाहिए। चुनाव आयोग के विरोध और विभिन्न राज्यों में राजनीतिक दलों के बदलते समीकरणों पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने भीतर झांकना चाहिए।
सुरक्षा में मुस्तैद रहा पुलिस-प्रशासन
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। एयरपोर्ट से आदि शंकराचार्य मठ तक जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा।
इस दौरान जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, सिटी एसपी अभिनव, बोधगया एसडीपीओ मधु, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राजीव कुमार गुप्ता और बोधगया थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी सक्रिय रहे।
