गया । पुराणों में भगवान विष्णु की पावन नगरी गया धाम को तीर्थो का प्राण कहा गया है। गयाधाम पितृतीर्थ के रूप में विख्यात है। गया तीर्थ में फल्गु का विशेष महत्व है। इसी कारण पितृपक्ष में प्रत्येक दिन हजारों की संख्या में तीर्थयात्री गया आकर फल्गु के पवित्र जल से तर्पण और पिंडदान कर अपने पितरों की मोक्ष की कामना कर रहे हैं। गुरुवार को फल्गु में तर्पण को लेकर तीर्थयात्रियों की भीड़ उमड़ी। सूर्य उदय होते हुए पिंडदानी फल्गु में स्नान कर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ दूध और जल से तर्पण करने लगे। श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ देवघाट और सीताकुंड में देखी गई। सीताकुंड के पास फल्गु का पानी पूरी तरह से घाट के पास बह रहा है। लोगों अपने वाहनों, टैंपू एवं ई-रिक्शा से घाट तक पहुंच रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के मिरजापुर से आए पिंडदानी पराग गुप्ता ने कहा कि 17 दिनों का कर्मकांड कर रहे हैं। मोक्षभूमि आकर मन को शांति मिल रही है। कर्मकांड करते अहसास होता है कि पितर खुश होकर आशीर्वाद दे रहे हैं। वहीं, मध्य प्रदेश से आए मनोज सिंह ने कहा कि मोक्षदायिनी फल्गु में स्नान कर अपने आपको धन्य मान्य रहे हैं।

Posted By: Jagran

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