भभुआ, संवाद सहयोगी।  महिलाओं को प्रताड़ना और हिंसा से बचाने के लिए महिला हेल्‍पलाइन की शुरुआत की गई थी। लॉकडाउन के दौरान भभुआ में  महिला व पुरूषों के बीच विवाद के मामले महिला हेल्‍पलाइन में खूब पहुंच रहे हैं। यहां पुरुष भी पत्‍नी के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। ज्‍यादातर मामलों में वे पत्‍नी के मायके चले जाने के बाद दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।   कैमूर जिले के वन स्टॉप सेंटर  सह महिला हेल्पलाइन में चार मामले पुरूष प्रताडऩा के भी आए हैं। जिसको महिला हेल्पलाइन के सदस्य उसका निपटारा करने में जुटे हैं।

 ज्यादातर मामलों में महिलाओं को पुरूष प्रताडि़त करते है। बाद में उनके मायका चले जाने के बाद पुरूष बदले की भावना में ऐसा मामला दर्ज कराते हैं। कैमूर जिले के दुर्गावती प्रखंड के एक गांव के पुरूष का मामला तो अजीब ही है। जिसमें पुरूष की पत्नी उसको छोड़ दी है। उसके बाद पुरूष ने लोक शिकायत के अलावा महिला हेल्पलाइन में भी मामला दर्ज कराया है। जिसमें महिला हेल्पलाइन कोशिश कर रहा है कि दोनों का झगड़ा समाप्त हो जाए तथा दोनों एक घर में रहें। जबकि महिला मानने को तैयार नहीं है। महिला अपने बड़ी बेटी के साथ भगवानपुर में रहती है। जबकि उसका मायका भी भगवानपुर के आसपास में ही है। महिला व पुरूष को कुल तीन बच्चे है। जिसमें दो बेटों को छोड़ , बेटी को लेकर महिला भगवानपुर में रहने लगी है। जबकि उसका पति उसको घर लाने के लिए कई जगहों पर हांथ पांव मार चुका है। फिर भी वो आने के लिए तैयार नहीं है। उसका कहना है कि उसकी पत्नी का व्यवहार व आचरण ठीक नहीं है। जबकि मामला की जानकारी लेने पर पता चला कि महिला का उम्र कम है तथा पुरूष का उम्र काफी अधिक है। इस वजह से दोनों में तनाव रहता था।

वहीं दूसरी ओर एक झबरू झारखंड का मामला सामने आया है जिसमें उसकी पत्नी मायके चली गई है, और आने से मना कर रही है। महिला कैमूर जिले की ही रहने वाली है। जबकि इन मामलों में जानकारी देते हुए महिला हेल्पलाइन के अधिकारियों का कहना है कि कोशिश किया जाता है कि महिला व पुरूष दोनों को समझाकर मामला सुलझा दिया जाए।

 

Edited By: Sumita Jaiswal