सासाराम, जागरण संवाददाता। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रशासन द्वारा निजी कोचिंग बंद कराने की कोशिश किए जाने पर बिहार के सासाराम जिले में जबर्दस्‍त बवाल हो गया है। नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी को खदेड़े जाने के बाद शहर में सड़कों पर आगजनी और रोड़ेबाजी के बीच बने माहौल में पूरा बाजार बंद हो गया है। हंगामा कर रहे छात्रों ने पुलिस की गाड़‍ियों पर भी हमला किया है। नगर थाने की गाड़‍ियों में भी तोड़फोड़ की गई है। सासाराम कलेक्‍ट्रेट और पोस्‍ट ऑफिस चौक पर भी जमकर हंगामा हुआ है। पूरी सड़क पर ईंट और रोड़े बिखर गए हैं। स्थिति बिगड़ने के बाद बड़ी तादाद में पुलिस बलों को सड़क पर उतारा गया है। साथ ही नौ उपद्रवियों को गिरफ्तार करने की सूचना भी मिल रही है। पुलिस लाठीचार्ज कर उपद्रव‍ियों को खदेड़ने में जुटी है। उपद्रवियों ने कई सरकारी भवनों और स्‍मारकों को भी नुकसान पहुंचाया है। नगर थानेदार सहित कई पुलिसकर्मी इस हिंसा में घायल हो गए हैं। उपद्रवियों ने सासाराम कलेक्‍ट्रेट के अंदर तक जाकर तोड़फोड़ की है।

किसी तरह जान बचाकर भागे सासाराम के कार्यपालक अधिकारी

सासाराम नगर थाना क्षेत्र के गौरक्षणी मोहल्ले में कोचिंग बंद कराने गए नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभ‍िषेक आनंद की गाड़ी में छात्रों ने तोड़-फोड़ की। अधिकारी वहां से किसी तरह जान बचाकर भागे। इसके बाद छात्रों ने पूरे शहर की सड़कों पर जमकर आगजनी, हंगामा और तोड़फोड़ की है। हंगामा कर रहे छात्रों ने सासाराम - आरा स्टेट हाईवे को जाम कर दिया था। पुलिस बलों की ओर से लाठीचार्ज के बाद स्थिति कुछ नियंत्रित हुई है, लेकिन कुछ इलाकों में छात्र अभी भी हंगामा कर रहे हैं।

एसपी और डीएम मौके पर पहुंचे, आंसू गैस के गोले छोड़े गए

हंगामा कर रहे छात्रों ने दर्जनों निजी वाहनों में भी तोड़फोड़ की है। छात्र लगातार सड़क पर आगजनी कर रहे हैं। स्थिति को संभालने के लिए खुद डीएम और एसपी ने मोर्चा संभाल लिया है। सूत्रों के मुताबिक छात्रों को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए हैं। शहर की सड़कों पर बड़ी तादाद में पुलिस बलों को उतारा गया है। बावजूद इसके अभी स्थिति पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी है।

सरकार के फैसले का विरोध कर रहे निजी कोचिंग संचालक

बिहार में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार ने 11 अप्रैल तक सभी शैक्षणिक संस्‍थानों को बंद करने का आदेश जारी किया है। बिहार के कई निजी कोचिंग संचालक इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार जब मॉल और सिनेमा हॉल नहीं बंद करा रही है तो केवल कोचिंग ही क्‍यों बंद कराया जा रहा है। कोचिंग बंद कराए जाने से छात्रों का शैक्षणिक भविष्‍य चौपट हो जाएगा। अभी परीक्षाओं का दौर चल रहा है। ऐसे में कोचिंग को सभी सावधानियों का पालन करते हुए खोलने की इजाजत दी जानी चाहिए।

सरकार ने प्राथमिकी दर्ज कराने की दी है चेतावनी

बिहार की राजधानी पटना में भी कुछ कोचिंग संचालकों ने अपने संस्‍थान खुला रखने की बात रविवार को कही थी। इसपर जिला प्रशासन ने सख्‍ती दिखाई। पटना के डीएम चंद्रशेखर ने साफ तौर पर कहा कि कोई भी शैक्षणिक संस्‍थान अगर खुला पाया गया तो प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। सरकार का आदेश सभी को हर हाल में मानना होगा।

हालात पर एक नजर:

- भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने दो चक्र हवा में गोली चलाई। कोई हताहत नहीं।

- पथराव में सासाराम नगर थानाध्यक्ष कामाख्या नारायण सिंह समेत तीन पुलिस कर्मी घायल।

- छात्रों ने समाहरणालय परिसर में भी प्रवेश कर शेड को तहस नहस कर दिया।

- पोस्ट ऑफिस मोड़, करगहर मोड़, रोजा रोड, पुरानी जीटी रोड, अड्डा रोड की दुकानों के शटर गिर गए।

- छात्र कोचिंग को पूर्ववत चलाए जाने मांग कर रहे हैं।

- पुलिस प्रशासन के वरीय अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

Edited By: Shubh Narayan Pathak