मानपुर। कृषि विज्ञान केंद्र मानपुर में प्रवासी मजदूरों को मशरूम उत्पादन करने के लिए दिए जा रहे प्रशिक्षण बुधवार को सम्पन्न हो गया। तीन दिवसीय प्रशिक्षण में ऑयस्टर मशरूम, बटन मशरूम, दूधिया मशरूम, मराली मशरूम उत्पादन करने की जानकारी विस्तार से दी गई। मशरूम बीजाई तकनीक से लेकर उनमें लगने वाले बीमारी का भी उपाय बताया गया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि अच्छी आमदनी के लिए मशरूम का उत्पादन अवश्य करें। इसका उत्पादन मकान के ही एक कमरा में हो जाएगा। पांच सौ की लागत लगाने पर दो हजार तक की मुनाफा होगी। अगर प्रवासी मजदूर मशरूम उत्पादन करना शुरू कर दें तो उन्हें दूसरे प्रदेश में मजदूरी करने जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. राजीव सिंह ने प्रशिक्षण के दरम्यान बताया कि मशरूम बहुत ही कम दिन का फसल है। इसमें लागत भी कम लगती है। इसे महिलाएं भी बड़े ही आराम से व्यवसायिक स्तर पर अपनी आमदनी बढ़ा सकती है।

गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत प्रवासी मजदूरों को प्रशिक्षित किया गया। वहां जिले के 35 मजदूर उपस्थित हुए। प्रशिक्षण समापन के बाद उन्हें प्रमाण पत्र भी दिया गया। इस अभियान के अंतर्गत सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के लिए 60 प्रतिशत एवं अन्य हेतु 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. देवेन्द्र मंडल व डॉ. जाकिर हुसैन ने भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दिए।

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