बिहार के विश्वविद्यालयों में दाखिले का बदला नियम, स्वतंत्रता सेनानी से लेकर NCC-NSS तक के कोटे खत्म
मगध विश्वविद्यालय में समर्थ पोर्टल से स्नातक दाखिले में स्वतंत्रता सेनानी, खेल, एनसीसी, एनएसएस और वार्ड कोटा समाप्त कर दिया गया है। छात्रों और कर्मचारियों में नाराजगी है।

मगध विश्वविद्यालय में नामांकन के बदले नियम से नाराजगी। फाइल
HighLights
समर्थ पोर्टल से स्नातक दाखिले में कई कोटे हुए समाप्त।
स्वतंत्रता सेनानी, खेल, एनसीसी, एनएसएस कोटा अब नहीं।
विश्वविद्यालय प्रशासन कोटा बहाली के लिए सरकार को लिखेगा पत्र।
संतोष कुमार, बोधगया। मगध विश्वविद्यालय में समर्थ पोर्टल से दाखिले के बाद स्वतंत्रता सेनानी, स्पोर्ट्स, एनसीसी, एनएसएस और वार्ड कोटा की सुविधा खत्म हो गई है।
स्नातक (UG) में समर्थ पोर्टल के माध्यम से नामांकन शुरू होने के बाद विभिन्न कोटों के तहत दाखिले की सुविधा समाप्त किए जाने से विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय कर्मियों में नाराजगी है।
पूर्व में स्वतंत्रता सेनानी के आश्रितों, खिलाड़ियों, एनसीसी, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा विश्वविद्यालय कर्मियों को मिलने वाले वार्ड कोटा सहित अन्य कोटे अब स्नातक नामांकन में नहीं मिल रहा है।
इससे संबंधित छात्र-छात्राओं के नामांकन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बताया जा रहा है कि राजभवन, पटना के निर्देश पर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में नामांकन प्रक्रिया नए सिरे से चल रही है।
इसके तहत समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन और मेरिट लिस्ट के आधार पर नामांकन लिया जा रहा है। हालांकि, नई व्यवस्था में विभिन्न कोटों के प्रावधान नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छात्र जदयू ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
इस मामले में मगध विश्वविद्यालय के छात्र जदयू अध्यक्ष उत्तम कुशवाहा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कोटा व्यवस्था समाप्त होने से विद्यार्थियों के हित प्रभावित हो रहे हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति और डीएसडब्ल्यू को कोटा के लिए सीटें निर्धारित कर रोस्टर जारी करना चाहिए। पूर्व में इन कोटों के तहत नामांकन की सुविधा उपलब्ध थी।
लेकिन समर्थ पोर्टल से प्रक्रिया शुरू होने के बाद यह व्यवस्था खत्म हो गई है। उन्होंने इसे छात्रहित के विपरीत बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से आवश्यक पहल करने की मांग की।
सरकार को पत्र भेजेगा विश्वविद्यालय
मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव डाॅ. बिनोद कुमार मंगलम ने बताया कि फिलहाल सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार समर्थ पोर्टल के माध्यम से नामांकन लिया जा रहा है।
पोर्टल उन्हीं नियमों का पालन करेगा, जिन्हें सरकार ने निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार स्नातक स्तर पर इन कोटों की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
कुलसचिव ने बताया कि इस समस्या को लेकर विश्वविद्यालय की ओर से सरकार को पत्र भेजकर स्नातक में कोटा के तहत नामांकन की व्यवस्था फिर से लागू करने का अनुरोध किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्नातकोत्तर (पीजी) में कोटा संबंधी नियमों को जारी रखा जा रहा है, जबकि स्नातक और वोकेशनल पाठ्यक्रमों में यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
छात्रहित को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले को राजभवन के समक्ष भी उठाएगा, ताकि पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की दिशा में आवश्यक निर्णय लिया जा सके।
