मायके से आई वो पोटली, जिसे खोलते ही भर आती हैं बेटियों की आंखें! जानिए मगध की अनोखी सावन परंपरा
मगध क्षेत्र में सावन पुरिया विवाहित बेटियों के लिए मायके से आने वाला एक विशेष उपहार है, जिसमें हरे कपड़े ...और पढ़ें

पुरिया खुलते ही ताजा हो जाती हैं मायके की यादें
HighLights
सावन पुरिया मायके से बेटियों के लिए विशेष उपहार।
हरे कपड़े, चूड़ियां, श्रृंगार सामग्री इसमें शामिल होती है।
यह परंपरा परिवारों के बीच रिश्ते मजबूत करती है।
संजय कुमार, गयाजी। मगध क्षेत्र में सावन का महीना केवल भोलेनाथ की भक्ति और हरियाली का पर्व नहीं है। इस महीने विवाहित बेटियों के लिए मायके से आने वाली सावन पुरिया का भी खास इंतजार रहता है।
हरे कपड़े, चूड़ियां और श्रृंगार के सामान से सजी यह पुरिया बेटी के लिए मायके के प्यार की पोटली बनकर ससुराल पहुंचती है।
कपड़े-चूड़ियों से कहीं ज्यादा है इसका मतलब
सावन पुरिया में बेटी के लिए हरे रंग के परिधान, हरी चूड़ियां, मेहंदी और श्रृंगार की सामग्री भेजने की परंपरा है।
इसे बेटी के सुखी दांपत्य जीवन, सौभाग्य और खुशहाली की कामना से जोड़कर देखा जाता है। यही वजह है कि सावन शुरू होते ही विवाहित महिलाओं को मायके से आने वाली पुरिया का इंतजार रहने लगता है।
शादी के बाद पहली सावन पुरिया क्यों होती है सबसे खास?
नवविवाहिताओं के लिए शादी के बाद आने वाली पहली सावन पुरिया का अलग ही महत्व होता है। मायके और ससुराल, दोनों परिवारों में इसे लेकर उत्साह देखने को मिलता है।
नए कपड़े और श्रृंगार सामग्री से सजने-संवरने के बाद कई परिवारों में नवविवाहिता बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद भी लेती है।
बेटी के साथ ससुराल वालों के लिए भी मायके का खास संदेश
सावन पुरिया केवल बेटी तक सीमित नहीं रहती, बल्कि ससुराल पक्ष के लिए भी मिठाई और अन्य उपहार भेजने की परंपरा है।
इसके जरिए मायका बेटी के नए परिवार के प्रति सम्मान और अपनापन भी जताता है। यही छोटी-छोटी परंपराएं दो परिवारों के बीच रिश्तों की मिठास को और मजबूत करती हैं।
पुरिया खुलते ही ताजा हो जाती हैं मायके की यादें
मायके से आया सामान विवाहित बेटी के लिए सिर्फ उपहार नहीं होता, बल्कि उसके बचपन, परिवार और अपनों की यादों से जुड़ा होता है।
यही कारण है कि सावन पुरिया पाकर कई बेटियां भावुक भी हो जाती हैं। इसमें छिपा मायके का स्नेह और शुभकामनाएं इस लोक परंपरा को खास बना देती हैं।
जानिए सावन पुरिया में क्या-क्या भेजा जाता है
सावन पुरिया की सामग्री अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में बदल सकती है, लेकिन आमतौर पर इसमें हरी चूड़ियां, हरे रंग के कपड़े या साड़ी, श्रृंगार सामग्री, मेहंदी, सिंदूर, बिंदी, मिठाई और फल शामिल रहते हैं।
मगध की यह पारंपरिक रीति आज भी मायके और ससुराल के बीच स्नेह की डोर को मजबूत बनाए हुए है।
सावन पुरिया में शामिल रहते इन चीजें
- हरी चूड़िया।
- हरे रंग के कपड़े या साड़ी।
- श्रृंगार सामग्री।
- मेहंदी।
- सिंदूर और बिंदी।
- मिठाई।
- फल।
