गया । राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री राम नारायण मंडल ने सुस्त अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि शिथिलता के लिए मगध प्रमंडल के 13 सीओ चिह्नित किए गए। इनमें नीमचक बथानी, खिजरसराय, कोंच, गुरारू, फतेहपुर, टनकुप्पा, औरंगाबाद के ओबरा, दाउदनगर, जहानाबाद के मोदनगंज, जहानाबाद सदर, अरवल के कलेर, कुर्था एवं नवादा के नवादा सदर के सीओ शामिल हैं। इन पर गाज गिरना तय है। उन्होंने कहा कि इन अंचलों में प्राप्त आवेदनों में से अधिक को अस्वीकृत किया गया।

वह शुक्रवार को समाहरणालय में मगध प्रमंडलस्तरीय राजस्व व भूमि सुधार की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने सहरसा जिले के कई अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का उदाहरण दिया। अगर उस कार्रवाई से बचना चाहते हैं तो विभागीय निर्देश का अनुपालन करें। उन्होंने कहा कि भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अपर समाहर्ता बीच-बीच में अंचलों का निरीक्षण अवश्य रूप से करें। विभाग में कर्मचारी और अमीन का अभाव है। उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इस आधार पर काम को टालते रहना मान्य नहीं होगा। उन्होंने पदाधिकारी को कार्य में गति प्रदान करने का निर्देश दिया।

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अच्छे व खराब कार्य करने

वाले सीओ की सूची बनाएं

अपर मुख्य सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विवेक कुमार सिंह ने कहा कि 19 सितंबर से ऑनलाइन म्यूटेशन प्रारंभ हो गया है तथा वेबसाइट पर सभी दस्तावेज अपलोड हैं। 30 जून 2019 के पहले के दाखिल खारिज (म्यूटेशन) के मामले की समीक्षा में जो सबसे अच्छा एवं जो सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों की सूची बनाई गई है। उन्होंने वैसे अंचलाधिकारी से दाखिल खारिज के लंबित अत्याधिक मामलों के संबंध में जवाब तलब किया।

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खिजरसराय सीओ को

निलंबित करने का आदेश

अपर मुख्य सचिव ने चेतावनी देते हुए कहा कि 30 जून के पहले के प्राप्त आवेदनों का निष्पादन पहले किया जाएगा। इसके बाद 30 जून के बाद वाले आवेदनों का निष्पादन किया जाए। समीक्षा में खिजरसराय अंचल की प्रगति काफी असंतोषजनक पाई गई। अपर मुख्य सचिव ने अंचलाधिकारी खिजरसराय को अनिवार्य सेवानिवृत्ति लाभ देने एवं तत्काल निलंबित करने का आदेश जारी किया। उन्होंने भूमि सुधार उप समाहर्ता जहानाबाद को अपने अंचलों के संबंध में पर्याप्त जानकारी नहीं होने के लिए भी झिड़की लगाई।

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तीन बार से अधिक छेड़छाड़ करने वाले कर्मी पर होगी कार्रवाई

उन्होंने कहा कि मगध प्रमंडल के भूमि सुधार उप समाहर्ता को अपने उन अंचलों का निरीक्षण कर लेने का निर्देश दिया। जिनका निरीक्षण पिछले 2 से 3 साल में नहीं किया गया है। साथ ही मगध प्रमंडल के अपर समाहर्ता को एक महीने में कम से कम एक अंचल का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन जमाबंदी में तीन बार से अधिक छेड़छाड़ करने वाले कर्मी के विरुद्ध कारवाई की जाएगी। जल निकाय यथा आहार, पइन, पोखर के अतिक्रमण के मामले की समीक्षा की गई। सभी अंचलाधिकारी को संबंधित विभाग से अतिक्रमित जमीन की सूची की माग करने का निर्देश दिया। इस मौके पर मगध प्रमंडल आयुक्त असंगबा चुबा आओ, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक डीएम अभिषेक सिंह (गया), कौशल कुमार (नवादा),नवीन कुमार (जहानाबाद), रविशकर प्रसाद (अरवल) आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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