संवाद सूत्र, इमामगंज : गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र के क़ुजेशर गांव निवासी सोनम कुमारी की हत्याकांड के नामजद आरोपित शंकर दास के द्वारा इमामगंज थाना के हाजत में आत्महत्या मामले में इमामगंज थानाध्यक्ष नैयर एजाज अहमद समेत पांच लोगों को निलंबित किया गया है। इन सभी पर एसएसपी हरप्रीत कौर ने पांच पुलिस पदाधिकारी और चौकीदार को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू की है। आत्महत्या मामले में थानाध्यक्ष, एसआई अभिलाष सिंह,चौकीदार सुरेंद्र पासवान, लखन प्रसाद व राजू पासवान पर कार्रवाई हुई थी। 

हाजत में आत्महत्या मामले में कई दिनों तक इमामगंज में राजनीति गरमाया। विपक्ष की भूमिका में रहे पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह ने पीड़ित परिवार से मिले। दोषी पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। इसके बाद बिहार की सत्ता में रहे राजद के नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। ऐसा माना जा रहा है कि राजद प्रतिनिधियों के अनुशंसा के बाद पुलिस पदाधिकारी पर कार्रवाई हुई है। जानकारी रहे कि बीते चार सितंबर की शाम इमामगंज थाना क्षेत्र के मंझिआंवा आहार में छात्रा सोनम का शव मिला था। हालांकि उस वक्त युवती की पहचान नहीं हो पाई था। कुछ देर के बाद इंटरनेट मीडिया पर वायरल फोटो को देखकर परिजनों ने शव की पहचान की थी। 

उसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कालेज सह अस्पताल भेज दिया था। पांच सितंबर को जब शव पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को पुलिस ने सौंपा तभी डुमरिया मोड़ पर परिजनों ने शव रखकर जाम लगाते हुए कई घंटों तक यातायात बाधित कर दिया था। 8 सितंबर को मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में परिजनों ने कैंडल मार्च करते हुए थाना का घेराव किया था। इसी दौरान 9 सितंबर को हत्याकांड के नामजद आरोपित को गिरफ्तार किया गया। 10 सितंबर को डीएसपी इमामगंज अजीत कुमार ने प्रेस वार्ता आयोजित किया था। जिसमें हत्याकांड का खुलासा किया गया था। 11 सितंबर की सुबह यह मनहुश खबर आई की हत्याकांड के नामजद आरोपित ने इमामगंज थाना हाजत में आत्महत्या कर लिया गया।

यह सुनकर पुलिस महकमा में हड़कंप मचा दिया। आनन-फानन में शव को पुलिस ने लॉकअप से निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इमामगंज में लाया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उसके बाद भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शव को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कालेज भेजा गया। इसी दौरान परिजन इमामगंज थाना में आकर जमकर बवाल काटा और डुमरिया मोड़ पर आगजनी करते हुए उग्र प्रदर्शन करते हुए यातायात बाधित कर दिया। जहां पुलिस ने परिजनों को समझा कर कड़ी मशक्कत के बाद यातायात बहाल करवाया। 

पोस्टमार्टम कराकर शव को स्वजन लेने से इंकार कर गया, इसके बाद पुलिस पदाधिकारी ने मृतक शंकर के घर शव को लेकर जबरन सौंपा गया। इस हत्याकांड के कई पहलू अब भी नहीं सुलझ पाया हैं। हालांकि वरीय पदाधिकारी के द्वारा दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस के वरीय पदाधिकारी हर एक बिंदु को अच्छे ढंग से एनालिसिस करते हुए आगे की कार्रवाई में जुटे हुए हैं।

Edited By: Prashant Kumar Pandey