संवाद सूत्र, डोभी : प्रखंड मुख्यालय में शनिवार को दैनिक जागरण के सबसे बड़े संपादकीय महाअभियान के तहत किसान चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें शामिल किसानों ने निर्भिकता से अपनी बातें रखीं। धान की कटाई और रबी फसल की बुआई के कार्य से समय निकालकर किसान चौपाल में शामिल हुए और अपनी बातों व समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। इस दौरान किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों से कई सवाल भी किए, जिसका जबाव अधिकारियों ने दिए।

इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख सुनिता देवी, किसान रत्न से सम्मानित किसान रामसेवक प्रसाद, किसान अशोक कुमार, समाजसेवी राजेन्द्र दुबे और किसान विजय वर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रमुख सुनिता देवी ने किसानों से कहा कि कृषि विभाग द्वारा किसान हित में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका लाभ उठाने की जरूरत है। दैनिक जागरण किसान चौपाल आयोजित कर कृषि विभाग की योजनाओं से किसानों को जोड़ने की कड़ी बनी है, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि किसान हमारे देश की रीढ़ हैं। इनकी संपन्नता ही हमारी संपन्नता होगी। समाजसेवी राजेन्द्र दुबे ने कहा की सरकार द्वारा चलाई जा रहे योजना की जानकारी किसानों को समय पर नहीं मिलने के कारण योजना का लाभ लेने से किसान वंचित रह जाते हैं। कृषि विभाग रोड मैप के तहत समुचित जानकारी ससमय किसानों तक पहुंचाए। किसान सह अतिथि विजय प्रसाद वर्मा ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को योजना के माध्यम से बीज से लेकर पटवन तक का पैसा दिया जा रहा है। किसानों को जागने और जगाने की जरूरत है। अपने अधिकार के लिए आगे बढ़ें।

बीएओ विजय सिन्हा ने किसानों को आश्वस्त किया कि किसानों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को विभाग तैयार है। किसान जैविक खेती को बढ़ावा दें, जिससे खेत के मृदा को बचाया जा सके। किसान मनोज कुमार सिंह, सुरेश पाठक, महेन्द्र पाठक ने चौपाल मे पंचायत के किसान सलाहकार को पंचायत में नहीं जाने का आरोप लगाया। जिस पर कृषि पदाधिकारी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बैंक खाते का आधार से लिंक रहना जरूरी है।

कार्यक्रम में राजू दास, मुन्ना कुमार, कमलेदव पासवान, सोमर यादव, तुलसी केसरी समेत कई किसानों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सवाल किए। जिसका जबाव अधिकारियों ने देते हुए कई समस्याओं का ऑन द स्पॉट निष्पादन किया। सुखाड़ के बारे में बताया गया कि एक एकड़ जमीन पर सरकार ने 54 सौ रुपये का अनुदान निर्धारित की है। किसानों को योजना का लाभ देने में हाल के वित्तीय वर्ष का रसीद मागने पर किसानों को परेशानी हो रही है।

किसानों ने कह कि खेत में उपजी फसलों की कीमत सरकार तय करती है, जो बाजार उपलब्ध कराया जाता है वहां किसानों को उनकी उम्मीद से काफी कम कीमत मिलती है। अनुदान का पैसा बाद में और बीज का पैसा पहले जमा कर लेने वाली नीति को सरकार हटा दे तो गरीब किसान भी इस लाभ को लेकर बेहतर खेती कर सकते हैं।

किसानों ने कहा कि दैनिक जागरण गाव-गाव में आकर हम किसानों की समस्या को सुनने और सरकार को अवगत कराने का काम कर रही है यह काफी सराहनीय कदम है। जल संरक्षण करने की सख्त जरूरत है।

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किसानों की राय

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आज सरकारी सेवा छोड़कर लोग कृषि से जुड़ रहे हैं। जरूरत जैविक खेती और पशुपालन को अपनाने की है। जिसके बगैर कृषि कार्य पूर्ण नहीं हो सकता। समेकित कृषि प्रणाली से कोई भी किसान प्रत्येक साल लाख रुपये अर्जित कर सकता है। खेतों मे रसायनिक खाद का इस्तेमाल पर रोक लगाएं। अन्यथा भविष्य में खेतों में फसल तो क्या घास तक नहीं उग पाएगा।

रत्न रामसेवक प्रसाद

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सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को धरातल पर उतारा नहीं जाता है। इसके कारण किसान आर्थिक रूप से कमजोर हो जाते हैं। ज्यादा फसल उपजाने के चक्कर में जैविक खाद का इस्तेमाल करना भूल जाते हैं। किसान पशुपालन को अपनाएं। तभी कृषि कार्य क्षमता दोगुनी होगी।

अशोक कुमार

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विभागीय अधिकारी समय पर किसानों को अनुदानित बीज वितरण सुनिश्चित करें। पिछले साल के अनुदानित बीज का पैसा किसानों के बैंक खाते में नहीं आया है। उन्होंने चौपाल की सराहना करते हुए कहा कि खुले मंच से अपनी बात रखने का मौका मिला।

मदन यादव

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सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में विलंब होने से किसानों के बीच मायूसी व्याप्त हो जाती है। सरकारी योजनाओं को समय पर क्रियान्वित कराया जाए। जिससे गरीब किसान को सरकारी लाभ का योजनाबद्ध तरीके से आसानी से सुलभ कराया जाए।

शकर प्रसाद स्वर्णकार

Posted By: Jagran