सासाराम : रोहतास, जागरण संवाददाता। शहरी व ग्रामीण इलाके में हर घर तक नल का जल पहुंचाने वाली महत्वाकांक्षी योजना की पोल खुलने लगी है। दोनों क्षेत्र के सैकड़ों घर ऐसे हैं जहां आज तक योजना का कनेक्शन नहीं दिया जा सका है। जबकि कागज में शत प्रतिशत घरों तक नल का जल पहुंचाने की बात विभागीय अधिकारी व कार्य एजेंसी से जुड़े लोग कर चुके हैं। यही नहीं अभी तक जिले के शत प्रतिशत स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों तक इस योजना को नहीं पहुंचाया जा सका है।

पिछले दिनों योजना की हुई राज्यस्तरीय समीक्षा में विभाग के आला अधिकारी योजना की हकीकत से रूबरू होने का कार्य किया। जिसमें आला अधिकारियों ने पाया है कि कार्यरत योजना व उसकी आनलाइन मानिटरिंग के लिए लगे द इंटरनेट आफ थिंग्स डिवाइस (आइओटी) की संख्या में काफी अंतर है, जिस कारण मानिटरिंग सिस्टम सही तरीके से कार्य नहीं कर रहा है। जिसे गंभीरता से लेते हुए पंचायती राज विभाग के निदेशक ने पूरे मामले की जांच कर संबंधित लोगों पर नियमानुकूल कार्रवाई कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्‍होंने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को कार्रवाई का निर्देया दिया है। इसके अलावा वंचित विद्यालयों व आंबनबाड़ी केंद्रों तक एक सप्ताह के अंदर कनेक्शन देने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया गया है। साथ ही अवशेष बचे गली-नली का सर्वे कार्य भी शीघ्र पूरा कर प्रतिवेदन की मांग की गई है ताकि उसके अनुरूप पक्की गली नली योजना के तहत राशि का आवंटन की जा सके।

Edited By: Sumita Jaiswal